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पंजाब के एक एनजीओ ने फिल्म के रिलीज को दी चुनौती
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 15 Jun 2016 09:51 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Reuters
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पंजाब में नशे की लत के शिकार हो रहे युवाओं पर बनी फिल्म 'उड़ता पंजाब' का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पंजाब के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने की गुहार की है।
याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि फिल्म में राज्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। राज्य की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। पंजाब राइट्स अवेयरनेस एसोसिएशन नामक इस एनजीओ ने बांबे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें फिल्म के एक दृश्य को हटाकर रिलीज करने की इजाजत दी गई है। फिल्म के रिलीज के महज दो दिन पहले न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की। जिस पर पीठ ने कहा कि पहले याचिका को रजिस्ट्ररी से क्लीयर तो होने दिया जाए।
याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि फिल्म में पंजाब को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के आदेश को निरस्त नहीं करना चाहिए था। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म पंजाब में नशे की लत में शिकार हो रहे युवाओं पर आधारित है।
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यह फिल्म 17 जुलाई को रिलीज होनी है। इससे पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने गत छह जून को फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में 13 बदलाव करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को निर्देशक अनुराग कश्यप ने बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिस पर बांबे हाईकोर्ट ने फिल्म से एक दृश्य हटाने का निर्देश देते हुए फिल्म को रिलीज करने की इजाजत दे दी थी।
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याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि फिल्म में राज्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। राज्य की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। पंजाब राइट्स अवेयरनेस एसोसिएशन नामक इस एनजीओ ने बांबे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें फिल्म के एक दृश्य को हटाकर रिलीज करने की इजाजत दी गई है। फिल्म के रिलीज के महज दो दिन पहले न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की। जिस पर पीठ ने कहा कि पहले याचिका को रजिस्ट्ररी से क्लीयर तो होने दिया जाए।
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याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि फिल्म में पंजाब को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के आदेश को निरस्त नहीं करना चाहिए था। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म पंजाब में नशे की लत में शिकार हो रहे युवाओं पर आधारित है।
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यह फिल्म 17 जुलाई को रिलीज होनी है। इससे पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने गत छह जून को फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में 13 बदलाव करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को निर्देशक अनुराग कश्यप ने बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिस पर बांबे हाईकोर्ट ने फिल्म से एक दृश्य हटाने का निर्देश देते हुए फिल्म को रिलीज करने की इजाजत दे दी थी।