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Voter Registration: मतदाता पंजीकरण नियमों में हुआ संशोधन, आधार संख्या साझा करने के लिए नया फॉर्म जारी
Sat, 18 Jun 2022 09:23 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 18 Jun 2022 09:23 PM IST
सार
अधिसूचना में केंद्रीय कानून मंत्रालय के विधायी विभाग ने घोषणा की कि पिछले साल दिसंबर में संसद द्वारा पारित चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप नियमों में संशोधन किया गया है।
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मतदाता पंजीकरण एवं पहचान केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकार ने मतदाता सूची के साथ आधार विवरण को जोड़ने की अनुमति देने के लिए मतदाता पंजीकरण नियमों में संशोधन किया है। जिससे कि फर्जी और गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके और सर्विस वोटर’ के लिए चुनाव संबंधी कानून को लैंगिक रूप से तटस्थ(न्यूट्रल) बनाया जा सके। केंद्रीय कानून मंत्रालय के विधायी विभाग ने शुक्रवार रात इसकी अधिसूचना जारी की।
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इस अधिसूचना में केंद्रीय कानून मंत्रालय के विधायी विभाग ने घोषणा की कि पिछले साल दिसंबर में संसद द्वारा पारित चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप नियमों में संशोधन किया गया है। निर्वाचकों का पंजीकरण (संशोधन) नियम, 1 अगस्त 2022 से लागू होगा। एक दूसरी अधिसूचना में कहा गया है कि मतदाता सूची में पहले से नामांकित लोगों को 1 अप्रैल 2023 को या उससे पहले अपने आधार नंबर की सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी होगी।
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नए नियमों के मुताबिक, मौजूदा मतदाताओं द्वारा आधार संख्या प्रदान करने के लिए विशेष प्रावधान।- प्रत्येक व्यक्ति जिसका नाम सूची में सूचीबद्ध है, अधिनियम की धारा 23 की उप-धारा (5) के अनुसार फॉर्म 6बी में रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को अपना आधार नंबर सूचित कर सकता है।
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संसद द्वारा पारित विधेयक यह स्पष्ट करता है कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए किसी भी आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा और किसी व्यक्ति द्वारा आधार प्रस्तुत करने या सूचित करने में असमर्थता के लिए मतदाता सूची में कोई प्रविष्टि नहीं हटाई जाएगी। मौजूदा मतदाताओं को अपना आधार नंबर साझा करने की अनुमति देने के लिए एक नया फॉर्म "6बी" पेश किया गया है। जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, उनके पास मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड जैसे अन्य प्रमाण साझा करने का विकल्प है।
अधिनियम के अनुसार, अब एक नागरिक जो एक कैलेंडर वर्ष में 1 जनवरी या 1 अप्रैल या 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को 18 वर्ष का हो जाता है, वह तुरंत मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा था कि चार क्वालीफाइंग तिथियों से मतदाता आधार में काफी वृद्धि होगी। चुनाव संबंधी कानून को लैंगिक रूप से ‘न्यूट्रल’ बनाये जाने पर ‘पत्नी’ शब्द को हटा कर ‘जीवनसाथी’ शब्द शामिल किया जाएगा, जो ‘सर्विस वोटर’ मतदाता की पत्नी या पति को मतदान के लिए उपलब्ध सुविधा प्राप्त करने की अनुमति देगा।