फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   netaji subhas chandra bose great grandson requests repatriation of remains from japan

Bengal: 'भारत लाई जाएं नेताजी की अस्थियां..', सुभाष चंद्र बोस से परपोते ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र

Thu, 25 Dec 2025 11:24 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 25 Dec 2025 11:24 PM IST
सार

Bengal: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनके अवशेष जापान से भारत लाने का आग्रह किया। पत्र में उन्होंने नेताजी और उनके भाई शरत चंद्र बोस की स्मृति को संजोने के लिए नई पहल करने का प्रस्ताव रखा।

विज्ञापन
netaji subhas chandra bose great grandson requests repatriation of remains from japan
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : एक्स/भारत की राष्ट्रपति

विस्तार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने आग्रह किया है कि जापान के रेनकोजी मंदिर में रखे गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेषों को भारत वापस लाया जाए। 
विज्ञापन

पत्र में उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके भाई शरत चंद्र बोस की स्मृति को संजोने के लिए नई पहल करने का प्रस्ताव रखा।

चंद्र कुमार बोस ने लिखा कि जैसा कि आप जानते हैं कि 21 अक्तूबर 2025 को हमने सिंगापुर में नेताजी द्वारा स्थापित अस्थायी आजाद हिंद सरकार की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाई। मुझे जानकारी है कि दिल्ली में एक उचित स्थल पर भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) का स्मृति स्थल बनाने की योजना है, ताकि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अंतिम आक्रमण में लड़ने वाले सैनिकों को सम्मानित किया जा सके और नेताजी के प्रसिद्ध नारे 'चलो दिल्ली' की याद ताजा की जा सके।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ट्रेन का सफर आज से होगा महंगा: रेलवे ने जारी की किराया वृद्धि की अधिसूचना; देखें किस श्रेणी में कितनी बढ़ोतरी
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आगे लिखा, जैसा कि आप जानते हैं कि नेताजी के अवशेष दूर जापान के टोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में रखे हुए हैं। दशकों से आईएनए के पूर्व सैनिक, नेताजी की बेटी प्रोफेसर अनीता बोस और उनके परिवार के सदस्य कई अवसरों पर भारत सरकार से निवेदन कर चुके हैं कि वीर स्वतंत्रता सेनानी के अवशेषों को उनकी मातृभूमि भारत वापस लाया जाए। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed