{"_id":"58950bb64f1c1bda22e8075b","slug":"nepal-s-anjali-lama-becomes-first-transgender-model-to-walk-lakme-fashion-week","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सच हुआ लड़के से लड़की और फिर मॉडल बनने का सपना ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सच हुआ लड़के से लड़की और फिर मॉडल बनने का सपना
एजेंसी/ काठमांडू / मुंबई
Updated Sat, 04 Feb 2017 10:59 AM IST
विज्ञापन
अंजलि लामा
- फोटो : BCCL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल की अंजलि लामा के लिए भारत का लेक्मे फैशन वीक उसकी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ। मुंबई के मशहूर फैशन वीक में मंच पर कैटवॉक करने वाली अंजलि पहली ट्रांसजेंडर मॉडल बनी है। अंजलि एक पुरुष ट्रांसजेंडर है लेकिन उसने महिला के रूप में अपनी पहचान बनाने का संकल्प लिया। नेपाल में लगातार ठोकरें खाने के बाद अपनी पहचान को लेकर अंजलि के सपनों का सफर मुंबई के जियो गार्डन में पूरा हुआ।
विज्ञापन
नेपाल के गरीब किसान परिवार में पांचवें बेटे के रूप में जन्म लेने के बाद जब उसने लड़की बनने की ठानी तो परिवार से नाता तोड़ा लेकिन हार नहीं मानी। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मॉडलिंग उनका पेशा बनेगा। अंजलि के लिए सबसे पहली चुनौती यह स्वीकार करना था कि वह अंदर से एक महिला हैं। मुंबई से फोन पर उसने नेपाली अखबार ‘हिमालयन टाइम्स’ को बताया कि - ‘बचपन में ही पता नहीं क्यों, मुझे लड़का होना अच्छा नहीं लगता था, लेकिन गांव में और लोगों को यह बात समझाना बहुत मुश्किल था। स्कूल में लड़के मेरा मजाक उड़ाते थे और मेरा खुद से भी यही सवाल होता था कि जब मैं एक लड़का हूं तो मुझे ऐसा क्यों महसूस होता है। मैंने कई बार खुद को बदलने की कोशिश की लेकिन हर बार तनाव ही मिला।’
विज्ञापन
मुंबई के लेक्मे फैशन शो में भी अंजलि लामा लोगों का खास आकर्षण रही। मुंबई ऑडिटोरियम में अंजलि ने क्रीम रंग की चुस्त ड्रेस, काले बार और उभरे गालों के साथ कैटवॉक की। इस दौरान उसने अपने सपनों को सच होते हुए देखा और वह शीर्ष फैशन कैलेंडर ‘इंडियन कॉस्मेटिक ब्रांड’ का हिस्सा बनकर पहली ट्रांसजेंडर बन गई। वह मुंबई में भारत की पहली महिला ट्रांसजेंडर मॉडर के बतौर दुनिया के सामने आई। लिंग परिवर्तन से पहले उसके बचपन का नाम नबीन वाइबा था।
विज्ञापन
इस तरह गढ़ा अंजलि ने अपना कैरियर
एक किशोर के तौर पर जब अंजलि काठमांडू पहुंचीं तो भगवान से प्रार्थना करती कि वह उसे लड़की बना दे। फिर अंजलि को नेपाल में समलैंगिकों के लिए काम करने वाली ब्लू डायमंड सोसायटी के बारे में पता और यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई। 2005 में अंजलि ने परिजनों व दोस्तों को बता दिया कि वह एक ट्रांसजेंडर हैं। अंजिल का कहना है कि - यह मेरे लिए पुर्जन्म की तरह था, मैंने ईश्वर का शुक्र किया कि मैं दुनिया में अकेली नहीं हूं। पांच साल बाद अंजलि ने ब्रेस्ट इम्प्लांट कराया और फिर फैशन इंडस्ट्री में करियर बनाने के बारे में सोचा।
नेपाल में मिलीं ठोकरें, भारत में कामयाबी
नेपाल के मशहूर अखबार ‘हिमालयन टाइम्स’ ने अंजलि को कई बार अपने मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया है। पुराने ऑनलाइन आलेखों में बताया गया है कि अंजलि अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने के लिए लगातार संघर्ष करती रही, लेकिन वक्त उसे चकमा देता रहा। नेपाल में उन्होंने कई साल तक संघर्ष किया, लेकिन उसे लगातार ठोकरें मिलीं। फिर अंजलि ने पड़ोसी देश भारत जाने के बारे में सोचा, जहां एक विशाल फैशन इंडस्ट्री है। यहां दिसंबर-2016 में उसकी कोशिशें रंग लाईं और दो बार ऑडिशन में नाकाम रहने के बाद उसे मुंबई में कैटवॉक का मौका मिल गया।
नेपाल में मिलीं ठोकरें, भारत में कामयाबी
नेपाल के मशहूर अखबार ‘हिमालयन टाइम्स’ ने अंजलि को कई बार अपने मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया है। पुराने ऑनलाइन आलेखों में बताया गया है कि अंजलि अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने के लिए लगातार संघर्ष करती रही, लेकिन वक्त उसे चकमा देता रहा। नेपाल में उन्होंने कई साल तक संघर्ष किया, लेकिन उसे लगातार ठोकरें मिलीं। फिर अंजलि ने पड़ोसी देश भारत जाने के बारे में सोचा, जहां एक विशाल फैशन इंडस्ट्री है। यहां दिसंबर-2016 में उसकी कोशिशें रंग लाईं और दो बार ऑडिशन में नाकाम रहने के बाद उसे मुंबई में कैटवॉक का मौका मिल गया।