फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Neighbouring countries should speak in one voice against those spreading terror: Par panel

Par panel: ‘आतंक फैलाने वालों के खिलाफ पड़ोसी देश एक सुर में बोलें’, संसदीय समिति ने दिया सुझाव

Wed, 26 Jul 2023 10:10 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 26 Jul 2023 10:10 AM IST
सार

भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने मंगलवार को लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि समिति की इच्छा है कि भारत को पड़ोसी देशों के बीच अधिक करीबी के रूप में काम करना चाहिए।

विज्ञापन
Neighbouring countries should speak in one voice against those spreading terror: Par panel
संसद भवन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

संसद की एक समिति ने सरकार से पड़ोसी देशों के साथ काम करने और भारत में अस्थिरता और तनाव फैलाने में लगे देशों के खिलाफ एक स्वर में बोलने को कहा है। समिति ने सुझाव दिया कि आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए पड़ोस प्रथम नीति के तहत एक साझा मंच स्थापित करने का प्रयास किया जाए। 

विज्ञापन

तीन दशकों से बना हुआ है खतरा

विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने ‘भारत की पड़ोसी प्रथम नीति’ पर एक रिपोर्ट में यह बात कही है। इसमें कहा गया है कि भारत तीन दशकों से अधिक समय से अपने पड़ोस से खतरों,  निरंतर तनाव, आतंकवादी और उग्रवादी हमलों की बढ़ती संभावना का सामना कर रहा है।

विज्ञापन

भारत करीबी के रूप में करे काम

भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने मंगलवार को लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि समिति की इच्छा है कि भारत को पड़ोसी देशों के बीच अधिक करीबी के रूप में काम करना चाहिए ताकि ऐसा माहौल बनाया जा सके, जहां सभी पड़ोसी देश ऐसी गतिविधियों में शामिल देशों के खिलाफ एक स्वर में बोलें। साथ ही आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं और क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता और समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार के बदले दृष्टिकोण का समर्थन

समिति ने सीमा पार आतंकवाद से उत्पन्न खतरों को खत्म करने के लिए सरकार के बदले हुए दृष्टिकोण का समर्थन किया। समिति ने कहा कि भारत के पड़ोसियों के साथ द्विपक्षीय संबंध केवल आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में ही बनाए जा सकते हैं।

सीमा से लगे जिलों में काम करने की जरूरत

समिति ने जोर देकर कहा कि हमारी सीमा के बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। आगे कहा, सीमा पार के जिलों की तुलना में देश की सीमा के जिलों में कम विकास है। इसलिए पहले इन क्षेत्रों को स्थिर और विकसित करने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed