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नीरव मोदी को सता रहा भीड़ हिंसा का शिकार होने का डर, भारत आने से इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sat, 01 Dec 2018 02:24 PM IST
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हीरा कारोबारी नीरव मोदी भारत नहीं आ सकता है क्योंकि उसे यहां पर भीड़ हिंसा का शिकार होने का डर सता रहा है और उसकी तुलना रावण से की जा रही है। ये दलील शनिवार को विशेष कोर्ट के सामने पीएनबी के 13000 करोड़ रुपये घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े नीरव के वकील ने पेश की। उनके दावे को खारिज करते हुए ईडी ने कहा कि यदि उसे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है तो उसे पुलिस शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट के जज एमएस आजमी के सामने पेश हुए। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के तहत नीरव मोदी को भगोड़ा करार देने के आवेदन का विरोध किया।
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उन्होंने कहा कि कारोबारी ने ईमेल के जरिये जांच एजेंसी के सवालों का जवाब दे दिया है। उन्होंने सुरक्षा खतरों के चलते भारत लौटने में असमर्थता जताई। अग्रवाल ने कहा कि ईडी नीरव को इस आधार पर भगोड़ा घोषित करवाना चाहता है कि उन्होंने एक जनवरी 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में देश छोड़ा था, जबकि हकीकत यह है कि उस वक्त उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं था। नीरव जब देश से गए, तब उन पर कोई एनपीए नहीं था।
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