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NIA: लाओस मानव तस्करी मामले में एनआईए ने की बड़ी कार्रवाई, गिरफ्तार आरोपी के दिल्ली स्थित घर की ली तलाशी
Sun, 05 Jan 2025 03:28 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 05 Jan 2025 03:28 PM IST
सार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) लाओस मानव तस्करी और साइबर गुलामी नेटवर्क को खत्म करने की कवायद तेज करते हुए दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर में हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के घर की तलाशी ली है। जानकारी के मुताबिक, इस तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस और कई बैंकों के डेबिट कार्ड, पासबुक और चेकबुक समेत आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज बरामद किए हैं।
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NIA
- फोटो : PTI
विस्तार
दिल्ली में एनआईए की तरफ से की गई जांच का मामला एक आपराधिक साजिश से जुड़ा है, जिसमें कामरान हैदर और अन्य आरोपियों ने भारतीय युवाओं को लॉस पीडीआर (लाओस पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक) के गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र में भेजा। यह पीड़ित मानव तस्करी और साइबर गुलामी के रैकेट का शिकार बने, जिन्हें लाओस में यूरोपीय और अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते हुए साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। अब तक की जांच में पता चला है कि कामरान हैदर ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और जो पीड़ित चीनी ठगों के चंगुल से बचने की कोशिश कर रहे थे, उनसे क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स के जरिए पैसे वसूलने में भी शामिल था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
IGI से दबोचा गया PFI का कैडर
वहीं अन्य मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक कैडर को दुबई से प्रतिबंधित संगठन के लिए भारत में अपनी गैरकानूनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने शनिवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोहम्मद सज्जाद आलम को दुबई, यूएई से यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया।
विशेष एनआईए अदालत ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
बता दें कि, विशेष एनआईए अदालत ने पीएफआई के प्रशिक्षित कैडर मोहम्मद सज्जाद आलम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आधिकारिक बयान में ये भी कहा गया है कि उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया था। एनआईए के अनुसार, आरोपी यूएई, कर्नाटक और केरल में मौजूद सिंडिकेट के माध्यम से दुबई से बिहार में पीएफआई कैडरों तक अवैध फंड पहुंचाने में शामिल था। एनआईए ने कहा कि फंड का इस्तेमाल प्रतिबंधित संगठन की आपराधिक और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
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2022 में बिहार के फुलवारी शरीफ पुलिस ने दर्ज किया था केस
जुलाई 2022 में बिहार के फुलवारी शरीफ पुलिस की तरफ से दर्ज किया गया यह मामला पीएफआई कार्यकर्ताओं की गैरकानूनी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित है। बयान में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं ने देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक गतिविधियों के माध्यम से आतंक का माहौल बनाने और कई धर्मों और समूहों के सदस्यों के बीच धार्मिक दुश्मनी फैलाने की साजिश रची।
मामले में गिरफ्तार होने वाला 18वां आरोपी है सज्जाद आलम
जांच एजेंसी ने कहा कि सार्वजनिक शांति को बाधित करने और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने के उद्देश्य से, उनकी गतिविधियों में भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने की पीएफआई विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए आपराधिक बल का उपयोग शामिल था, जैसा कि संगठन के विजन दस्तावेज, 'भारत 2047: भारत में इस्लाम के शासन की ओर, आंतरिक दस्तावेज: प्रचलन के लिए नहीं' में परिकल्पित है। पुलिस की तरफ से मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद ही मामले को अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। मोहम्मद सज्जाद आलम इस मामले में गिरफ्तार होने वाला 18वां आरोपी है।
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IGI से दबोचा गया PFI का कैडर
वहीं अन्य मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक कैडर को दुबई से प्रतिबंधित संगठन के लिए भारत में अपनी गैरकानूनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने शनिवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोहम्मद सज्जाद आलम को दुबई, यूएई से यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया।
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विशेष एनआईए अदालत ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
बता दें कि, विशेष एनआईए अदालत ने पीएफआई के प्रशिक्षित कैडर मोहम्मद सज्जाद आलम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आधिकारिक बयान में ये भी कहा गया है कि उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया था। एनआईए के अनुसार, आरोपी यूएई, कर्नाटक और केरल में मौजूद सिंडिकेट के माध्यम से दुबई से बिहार में पीएफआई कैडरों तक अवैध फंड पहुंचाने में शामिल था। एनआईए ने कहा कि फंड का इस्तेमाल प्रतिबंधित संगठन की आपराधिक और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
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2022 में बिहार के फुलवारी शरीफ पुलिस ने दर्ज किया था केस
जुलाई 2022 में बिहार के फुलवारी शरीफ पुलिस की तरफ से दर्ज किया गया यह मामला पीएफआई कार्यकर्ताओं की गैरकानूनी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित है। बयान में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं ने देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक गतिविधियों के माध्यम से आतंक का माहौल बनाने और कई धर्मों और समूहों के सदस्यों के बीच धार्मिक दुश्मनी फैलाने की साजिश रची।
मामले में गिरफ्तार होने वाला 18वां आरोपी है सज्जाद आलम
जांच एजेंसी ने कहा कि सार्वजनिक शांति को बाधित करने और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने के उद्देश्य से, उनकी गतिविधियों में भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने की पीएफआई विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए आपराधिक बल का उपयोग शामिल था, जैसा कि संगठन के विजन दस्तावेज, 'भारत 2047: भारत में इस्लाम के शासन की ओर, आंतरिक दस्तावेज: प्रचलन के लिए नहीं' में परिकल्पित है। पुलिस की तरफ से मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद ही मामले को अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। मोहम्मद सज्जाद आलम इस मामले में गिरफ्तार होने वाला 18वां आरोपी है।