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नासा ने जारी की केरल की तबाही की तस्वीर, बताया इसलिए आई थी सदी की सबसे भीषण बाढ़

Wed, 29 Aug 2018 10:43 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 29 Aug 2018 10:43 AM IST
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NASA tells the real reason behind Kerala flood

केरल सदी की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। इससे पहले साल 1924 में ऐसी बाढ़ यहां आई थी। अब नासा ने केरल में बाढ़ आने की वजह बताई है। नासा ने केरल में बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। जिसमें देखा जा सकता है कि केरल का 70 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा हुआ है।

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जो तस्वीरें नासा ने जारी की हैं उनमें से एक 6 फरवरी की है जबकि दूसरी 22 अगस्त की है। नासा का कहना है कि केरल में बांध से जो पानी छोड़ा गया है वही वहां आई बाढ़ का कारण है। इसका सही से प्रबंधन नहीं किया गया था। अगर सही से प्रबंधन होता तो ये तबाही नहीं आती और न ही 50 हजार घर बर्बाद होते। नासा के वैज्ञानिक सुजय कुमार ने बताया कि भारी बारिश के बीच बांध से पानी छोड़ना बहुत गलत था। पानी को काफी देर से छोड़ा गया। यहां 20 जुलाई से तेज बारिश शुरू हुई थी जबकि बाढ़ 8 अगस्त से। जून और जुलाई तक हालात उतने खराब नहीं थे।
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एक साथ खोले गए इडुक्की बांध के 35 गेट

NASA tells the real reason behind Kerala flood

भारी बारिश के बाद राज्य के करीब 80 फीसदी बांध पूरी तरह से भर चुके थे। जिसके बाद पानी को निकालने के लिए इडुक्की बांध के 35 गेटों को एक साथ खोला गया। इसका सही से प्रबंधन नहीं किया गया था।

देश में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई है। दिल्ली के नजफगढ़ में 148 मिमी, महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में 107 मिमी, दिल्ली के पालम में 101 मिमी, असम के लखीमपुर में 97 मिमी, असम के गुवाहाटी में 95 मिमीऔर मध्यप्रदेश के जबलपुर में 90 मिमी बारिश हुई है। 

22 हजार पशु और 4 लाख पक्षी मारे गए

केरल में आई भारी बाढ़ से 443 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 3.42 लाख लोग ऐसे भी हैं जो राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस बाढ़ ने न केवल इंसानों की बल्कि पशु पक्षियों की भी जान ली है। बाढ़ के कारण करीब 4 लाख पक्षियों और 22 हजार से ज्यादा छोटे और बड़े पशुओं की मौत हुई है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का कहना है कि बाढ़ ने उन्हें मौका दिया है कि वह नया केरल बना पाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार केरल को बनाने में उनकी मदद करेगी।

वहीं अगर पूरे देश की बात की जाए तो 43 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहां मानसून सामान्य रहा और 39 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहां कम बारिश हुई। पूरे देश में 7 फीसदी कम बारिश हुई है। 11 राज्यों में कम बारिश हुई है।

8 राज्यों में 1276 लोगों की मौत

देश में इस बार आए मानसून ने 1276 लोगों की जान ले ली है। ये मौतें देश के 8 राज्यों में हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोग केरल के हैं। इस राज्य में 443 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 218, पश्चिम बंगाल में 198, कर्नाटर में 166, महाराष्ट्र में 139, गुजरात में 52, असम में 49 और नागालैंड में 11 लोग मारे गए हैं। वहीं राज्यों में जो लोग लापता हुए हैं उनकी संख्या 37 बताई जा रही है।

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