नारायण राणे की गिरफ्तारी: किसी केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया क्या है, यहां जानिए सब कुछ
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को तमाचा मारने की बात कहने पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे
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केंद्रीय मंत्री नारायण राणे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिए गए। यह कार्रवाई उनके एक बयान के बाद की गई जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को करारा तमाचा मारने की बात कही थी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राणे की गिरफ्तारी नासिक पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी आदेश के बाद की गई। यह आदेश मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में नारायण राणे के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के आधार पर जारी किया गया था।
इसके बाद महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने आरोप लगाया है कि राणे कि गिरफ्तारी में प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है। पाटिल ने कहा, 'प्रोटोकॉल के अनुसार, पद के मामले में राष्ट्रपति सबसे ऊपर हैं। उनके बाद उप राष्ट्रपति और फिर प्रधानमंत्री आते हैं। यहां तक कि रैंकिंग में भी एक कनिष्ठ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को सात (क) और मुख्यमंत्री सात (ख) श्रेणी में रखा जाता है।'
तो एक केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया क्या है
एक केंद्रीय मंत्री या सांसद को कई विशेषाधिकार मिलते हैं लेकिन इनमें से अधिकांश तभी उपलब्ध होते हैं जब संसद का सत्र चल रहा होता है। अगर संसद का सत्र नहीं चल रहा है तब किसी आपराधिक मामले में पुलिस या अन्य कानू प्रवर्तन एजेंसियां एक कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए सूचना देना जरूरी होता है।
चूंकि, नारायण राणे राज्यसभा सांसद हैं, ऐसे में उनके मामले में यह सूचना राज्यसभा चेयरमैन एम वेंकैया नायडू को देनी थी। राज्यसभा की कार्यवाही एवं आचरण के नियमों की धारा 22ए के तहत गिरफ्तारी का आदेश जारी करने के लिए पुलिस या न्यायाधीश को राज्यसभा चेयरमैन को कारण और गिरफ्तारी के स्थान की जानकारी देनी होती है।
क्या केंद्रीय मंत्रियों को किसी तरह ही सुरक्षा उपलब्ध है
केंद्रीय मंत्रियों को गिरफ्तारी से सुरक्षा की व्यवस्था है, खासतौर पर दीवानी के मामलों में। उल्लेखनीय है कि एक केंद्रीय मंत्री या सांसद को संसद का सत्र शुरू होने से 40 दिन पहले, उसकी बैठकों के दौरान और उसके समापन के 40 दिन बाद तक गिरफ्तारी से सुरक्षा दिए जाने का प्रावधान है।
राणे के पास नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 135 के तहत दीवानी के मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण है। लेकिन, यह गिरफ्तारी आपराधिक मामले के तहत की गई है जिसमें वह मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोपी हैं। गिरफ्तारी से सुरक्षा में आपराधिक कृत्य या निवारक निरोध शामिल नहीं है।