राजनीति: राणे मामले में शिवसेना ने पीएम पर साधा निशाना, सावंत बोले मोदी बताएं क्या वे मंत्री के बयान के साथ हैं या नहीं
शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने कहा, 'मैं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपेक्षा करता हूं कि वे बताएं कि क्या वे इस तरह के बयानों का समर्थन करते हैं या नहीं। राणे जिस दिन से भाजपा में शामिल हुए हैं उस दिन से आज तक लगातार ऐसी ही भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आ रहे हैं।'
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मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल में शामिल हुए पूर्व शिवसेना नेता नारायण राणे के विवादित बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना ने केंद्रीय मंत्री राणे के इस आपत्तिजनक बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके राणे पहले शिवसेना में थे, जो बाद में कांग्रेस में और फिर 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
अमर उजाला से चर्चा करते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने कहा, 'मैं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपेक्षा करता हूं कि वे बताएं कि क्या वे इस तरह के बयानों का समर्थन करते हैं या नहीं। राणे जिस दिन से भाजपा में शामिल हुए हैं उस दिन से आज तक लगातार ऐसी ही भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आ रहे हैं। पीएम की कैबिनेट का एक मंत्री राज्य में जाकर मुख्यमंत्री का अपमान करता है और उसके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करता है। मैं पीएम से जानना चाहता हूं कि पीएम के मंत्री यात्राओं में इस तरह के भद्दे बयान दे रहे हैं क्या वे इसे ही जन आर्शीवाद यात्रा कहेंगे।'
नहीं किया कोई अपराध राणे
इस मामले में महाराष्ट्र भाजपा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा राणे के आपत्तिजनक बयान के साथ नहीं है, लेकिन पार्टी उनके साथ पूरी ताकत से खड़ी है। राणे ने जो कुछ भी कहा है, उसका गलत मतलब निकाला जा रहा है। उनके कहने का मतलब ऐसा बिल्कुल नहीं है।
महाराष्ट्र में मचे बवाल के बाद राणे का बयान सामने आया है। राणे ने कहा है कि मुझे मेरे खिलाफ एफआईआर को लेकर कोई जानकारी नहीं है। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। अगर किसी को 15 अगस्त के बारे में नहीं पता, तो क्या यह अपराध नहीं है। मैंने कहा कि मैं थप्पड़ मारता- ये शब्द थे मेरे और यह अपराध नहीं है। मुझे कौन चिपलुन के बाहर निकलने नहीं देगा। यह मुझे भी देखना है। मेरा दौरा जारी रहेगा मैं किसी के रोकने से रुकने वाला नहीं हूं।
क्या कहा था केंद्रीय मंत्री राणे ने
दरअसल नारायण राणे महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। पिछले दिनों उनकी यात्रा रायगढ़ के महाड पहुंची थी। यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए नारायण राणे ने कहा था, 'ये शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को ये नहीं पता कि हमें आजाद हुए कितने साल हो गए। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर अपने सहयोगी से पूछा था। अगर मैं वहां होता तो उन्हें जोरदार थप्पड़ मारता।'
राणे के इसी बयान के बाद महाराष्ट्र के शहरों में शिवसेना और बीजेपी में विवाद हो रहा है। राणे के खिलाफ चार अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। जिसके बाद आज नासिक पुलिस उनकी गिरफ्तारी करने की तैयारी कर रही है।
राणे को हटाने की मांग
वहीं, राणे के बयान का जिक्र करते हुए सांसद विनायक राउत ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, 'मुझे लगता है कि राणे जैसे शख्स, जो यह भूल गए कि वह किस पद का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि उनका इस्तीफा लें और उन्हें अपने मंत्रिमंडल से हटाएं।'
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से नारायण राणे के बेटे नीलेश को मात देने वाले राउत ने प्रधानमंत्री के तत्काल मामले पर गौर करने की उम्मीद भी जताई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी राणे की मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी की निंदा की है। महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है।