{"_id":"5a601bc44f1c1b7f268b5040","slug":"muslim-organisations-slam-central-government-for-ending-haj-subsidy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हज सब्सिडी बंद होने के बाद मुस्लिम संगठन ने की हज कॉरपोरेशन बनाने की मांग ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हज सब्सिडी बंद होने के बाद मुस्लिम संगठन ने की हज कॉरपोरेशन बनाने की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:49 AM IST
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हज सब्सिडी
केंद्र सरकार के हज सब्सिडी समाप्त किए जाने के कदम पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है। मुस्लिम संगठनों ने सरकार से अब हज कारपोरशन बनाने के साथ हज यात्रा के लिए प्राईवेट एयरसेवा कंपनियों से आवेदन आमंत्रित करने की मांग की है। सरकार के कदम का विरोध कर रहे मुस्लिम संगठन जमात इस्लामी हिन्द ने कहा है कि हज यात्रियों का सर्वाधिक खर्च जहाज की टिकट में जाता है। हज यात्रा पर साउदी जाने वाली एयर इंडिया ज्यादा किराया वसूल करती है।
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एक बयान जारी कर जमात इस्लामी हिन्द ने सरकार के हज सब्सिडी खत्म करने के कदम की निंदा करते हुए मांग की है कि सरकार को मलेशिया के ताबुंग हाजी की तर्ज पर हज कारापोरेशन ऑफ इंडिया बनाना चाहिए। इसके साथ ही संगठन ने सरकार से प्राईवेट अंतराष्ट्रीय उड्डयन कंपनियों से निविदा आमंत्रित करने की मांग की है।
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हज सब्सिडी को लेकर झूठी छवि पेश की गई
हज सब्सिडी
जमात ए इस्लामी हिन्द के महासचिव मौहम्मद सलीम इंजिनियर ने कहा है कि हज सब्सिडी को लेकर समाज में मुस्लिम तुष्किरण के नाम की झूठी छवि पेश की गई। और कहा गया कि यह करदाताओं के पैसे का दुरूपयोग है। जबकि वास्तविकता यह है कि हज सब्सिडी की रकम भारतीय हाजियों के जरिए वसूला जाता था और उसे राष्ट्रीय उड़ान वाहक एयर इंडिया को दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया ने हाजियों को साउदी अरब पहुंचाने के बाबत वसूले जाने वाले किराये में अपनी मोनोपोली बना ली है। लेकिन एयर इंडिया की इस मोनोपोली को खत्म करने के लिए सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। जमाअत ए इस्लामी हिन्द के महासचिव का कहना है कि सरकार ने जिस तरह हज सब्सिडी खत्म करने का कदम उठाया है ठीक उसी तरह उसे हाजियों को यह छूट प्रदान करनी चाहिए कि वह किसी भी उड्डयन कंपनी से हज यात्रा कर सकें।
हज यात्रियों को एयर इंडिया के बजाय अन्य उड्डयन कंपनियों से टिकट खरीदने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हज यात्रा से सब्सिडी खत्म किए जाने का असर गरीब और पिछड़े मुस्लिमों पर पड़ेगा। हवाई उडान का भारी किराया उनके यात्रा पर असर करेगा। इसलिए सरकार को हज यात्रा के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर की प्राईवेट कंपनियों को उड़ान की अनुमति प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2012 में दिए एक फैसले में कहा था कि हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी धीरे-धीरे वर्ष 2022 तक बंद करनी चाहिए। लेकिन सरकार से एकदम से हज सब्सिडी खत्म करने का निर्णय लिया है जोकि हैरानी भरा कदम है।
हज यात्रियों को एयर इंडिया के बजाय अन्य उड्डयन कंपनियों से टिकट खरीदने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हज यात्रा से सब्सिडी खत्म किए जाने का असर गरीब और पिछड़े मुस्लिमों पर पड़ेगा। हवाई उडान का भारी किराया उनके यात्रा पर असर करेगा। इसलिए सरकार को हज यात्रा के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर की प्राईवेट कंपनियों को उड़ान की अनुमति प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2012 में दिए एक फैसले में कहा था कि हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी धीरे-धीरे वर्ष 2022 तक बंद करनी चाहिए। लेकिन सरकार से एकदम से हज सब्सिडी खत्म करने का निर्णय लिया है जोकि हैरानी भरा कदम है।