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देश की सबसे सुरक्षित जेल से भागने में कामयाब हुआ हत्या का आरोपी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:26 AM IST
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हत्या के आरोप में गुजरात के साबरमती जेल में बंद 19 साल के इस आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से जेल से भागने में कामयाबी हासिल की।
कहते हैं किसी भी आरोपी को जेल तोड़कर भागने से पहले खास तैयारी के साथ खास योग्यता होनी भी जरूरी होती है। ऐसा ही कुछ हुआ साबरमती जेल में।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक हत्या के आरोप में साबरमती जेल में बंद 19 वर्षीय प्रवीण धवल ने उच्च सुरक्षा वाली जेल से भागने की कोशिश की। कमाल की बात है कि उसे इसमें कामयाबी भी मिल गई।
हत्या आरोपी ने जेल से भागने के लिए न केवल 15 फीट ऊंची जेल की दीवार को पार किया बल्कि गोपनीय ढंग से बनाई गई विद्युतीकृत कांटेदार तार के बाड़े को भी पार कर गया। उसे इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने में महज कुछ मिनट का समय लगा।
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कहते हैं किसी भी आरोपी को जेल तोड़कर भागने से पहले खास तैयारी के साथ खास योग्यता होनी भी जरूरी होती है। ऐसा ही कुछ हुआ साबरमती जेल में।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक हत्या के आरोप में साबरमती जेल में बंद 19 वर्षीय प्रवीण धवल ने उच्च सुरक्षा वाली जेल से भागने की कोशिश की। कमाल की बात है कि उसे इसमें कामयाबी भी मिल गई।
हत्या आरोपी ने जेल से भागने के लिए न केवल 15 फीट ऊंची जेल की दीवार को पार किया बल्कि गोपनीय ढंग से बनाई गई विद्युतीकृत कांटेदार तार के बाड़े को भी पार कर गया। उसे इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने में महज कुछ मिनट का समय लगा।
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कुछ मिनटों में जेल से फरार हुआ हत्या का आरोपी
ये पहली बार है जब कोई कैदी ने साबरमती जेल से भागने में कामयाब हुआ है। मामला रविवार दिन के करीब 12.56 मिनट का है। जब एक कैदी ने गुजरात के सबसे बड़े और सुरक्षित माने जाने वाले जेल से भागने की कोशिश की और कामयाब हो गया। बता दें कि इस जेल में न केवल बड़े अपराधी कैद हैं बल्कि कई आतंकवादी भी बंद हैं।
जेल अधिकारियों को घटना की जानकारी शाम करीब 4 बजे लगी, हालांकि तब तक भागने की कोशिश करने वाला आरोपी जेल से भाग चुका था। जेल से मिले सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है आखिर आरोपी किस तरह से जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया। फुटेज ब्लर थी लेकिन पता चल रहा था कि आरोपी ने सबसे पहले अंदर की 10 फुट की ऊंची दीवार को पार किया और फिर 15 फीट की मुख्य दीवार के पास पहुंचा। इसके बाद धवल ने लकड़ी की छड़ी के सहारे दो दीवारों को पार करते हुए कुछ ही सेकंड में विद्युतीकृत कांटेदार तार के बाड़े के पास पहुंच गया और उसे भी पार कर गया। इस पूरे घटनाक्रम में महज 4 मिनट लगे। आईजी (जेल) बीएस जेबालिया ने बताया कि हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर धवल ने इतनी ऊंची दीवार को पार करने में सफल कैसे हुआ।
फिलहाल इस मामले को जेल प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। जेल सुप्रीटेंडेंट सुनील जोशी ने बताया कि उन्होंने स्टेट रिजर्व पुलिस को लिखा है कि मामले में ड्यूटी पर तैनात जयराज सिंह कुम्पावट को ड्यूटी के दौरान सोने के आरोप में सस्पेंड किया जाए। उनके मुताबिक जिस समय यह घटना हुई टावर नंबर 6 के पास वही तैनात थे।
जेल अधिकारियों को घटना की जानकारी शाम करीब 4 बजे लगी, हालांकि तब तक भागने की कोशिश करने वाला आरोपी जेल से भाग चुका था। जेल से मिले सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है आखिर आरोपी किस तरह से जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया। फुटेज ब्लर थी लेकिन पता चल रहा था कि आरोपी ने सबसे पहले अंदर की 10 फुट की ऊंची दीवार को पार किया और फिर 15 फीट की मुख्य दीवार के पास पहुंचा। इसके बाद धवल ने लकड़ी की छड़ी के सहारे दो दीवारों को पार करते हुए कुछ ही सेकंड में विद्युतीकृत कांटेदार तार के बाड़े के पास पहुंच गया और उसे भी पार कर गया। इस पूरे घटनाक्रम में महज 4 मिनट लगे। आईजी (जेल) बीएस जेबालिया ने बताया कि हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर धवल ने इतनी ऊंची दीवार को पार करने में सफल कैसे हुआ।
फिलहाल इस मामले को जेल प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। जेल सुप्रीटेंडेंट सुनील जोशी ने बताया कि उन्होंने स्टेट रिजर्व पुलिस को लिखा है कि मामले में ड्यूटी पर तैनात जयराज सिंह कुम्पावट को ड्यूटी के दौरान सोने के आरोप में सस्पेंड किया जाए। उनके मुताबिक जिस समय यह घटना हुई टावर नंबर 6 के पास वही तैनात थे।