{"_id":"59d01ca74f1c1b79548b5128","slug":"mumbai-stampede-kem-hospital-numbered-the-bodies-for-identification","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलफिंस्टन भगदड़ में मारे गए शवों पर लिख दिए नंबर, डॉक्टरों की इस करतूत पर भड़के लोग","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एलफिंस्टन भगदड़ में मारे गए शवों पर लिख दिए नंबर, डॉक्टरों की इस करतूत पर भड़के लोग
एजेंसी/ मुंबई
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:51 AM IST
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एलफिंस्टन रोड स्टेशन पर भगदड़ में मारे गए लोगों के माथे पर नंबर डालने कर उनकी तस्वीर डिसप्ले बोर्ड पर लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। डॉक्टरों की इस करतूत से नाराज दो लोगों ने परेल के केईएम अस्पताल में एक सीनियर डॉक्टर की कथित तौर पर पिटाई कर दी।
केईएम अस्पताल प्रबंधन ने शवों के माथे पर नंबर डालने के फैसले का बचाव करते हुए कहा शवों की तस्वीर अराजकता फैलने से रोकने के लिए दिखाई गई थी। इससे लोगों को शवों को पहुंचाने में आसानी हो जाती।
अस्पताल के फोरेंसिक साइंस विभाग के हेड डॉ. हरीश पाठक ने कहा कि एक साथ 22 लोगों के शव देखना उनके रिश्तेदारों के लिए हृदय विदारक दृश्य होता। इसलिए शवों पर नंबर लिख कर उनकी तस्वीरों को डिस्प्ले पर लगाया गया। हमने शवों की तस्वीर ली। उन पर नंबर दिए और उन्हें लैपटॉप डिस्प्ले पर लगाया। वैसे पोस्टमार्टम के बाद ये नंबर हटा दिए गए थे।
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पढ़ें- मुंबई भगदड़ में चोरों ने कुछ ऐसे उठाया फायदा सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
हालांकि अस्पताल प्रशासन के इस कदम ने लोगों को नाराज कर दिया है और वे इसकी जबरदस्त आलोचना कर रहे हैं। अस्पताल के इस रुख को देखते हुए एक शख्स ने ट्वीट पर लिखा कि शवों के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार! शवों का ऐसा अनादर! एक दूसरे शख्स ने लिखा- भगदड़ की घटना से अवसाद हो गया। इससे भी ज्यादा अवसाद में डालने वाली बात शवों के प्रति अस्पताल प्रशासन की बेरुखी रही।
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केईएम अस्पताल प्रबंधन ने शवों के माथे पर नंबर डालने के फैसले का बचाव करते हुए कहा शवों की तस्वीर अराजकता फैलने से रोकने के लिए दिखाई गई थी। इससे लोगों को शवों को पहुंचाने में आसानी हो जाती।
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अस्पताल के फोरेंसिक साइंस विभाग के हेड डॉ. हरीश पाठक ने कहा कि एक साथ 22 लोगों के शव देखना उनके रिश्तेदारों के लिए हृदय विदारक दृश्य होता। इसलिए शवों पर नंबर लिख कर उनकी तस्वीरों को डिस्प्ले पर लगाया गया। हमने शवों की तस्वीर ली। उन पर नंबर दिए और उन्हें लैपटॉप डिस्प्ले पर लगाया। वैसे पोस्टमार्टम के बाद ये नंबर हटा दिए गए थे।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन के इस कदम ने लोगों को नाराज कर दिया है और वे इसकी जबरदस्त आलोचना कर रहे हैं। अस्पताल के इस रुख को देखते हुए एक शख्स ने ट्वीट पर लिखा कि शवों के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार! शवों का ऐसा अनादर! एक दूसरे शख्स ने लिखा- भगदड़ की घटना से अवसाद हो गया। इससे भी ज्यादा अवसाद में डालने वाली बात शवों के प्रति अस्पताल प्रशासन की बेरुखी रही।