मुंबई: कारोबारी के परिवार के पांच सदस्य आईएस में शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के कारोबारी 60 वर्षीय अब्दुल मजीद के परिवार के पांच सदस्य खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल हो गए हैं। मजीद का बेटा 26 वर्षीय अशफाक अहमद, उसकी पत्नी, नवजात बेटी, चचेरा भाई मोहम्मद सिराज और एजाज रहमान आईएस में शामिल होने के लिए जून में भारत छोड़कर सीरिया पहुंच गए।
22 वर्षीय मोहम्मद सिराज एक कारोबारी है, जबकि 30 वर्षीय एजाज रहमान पेशे से चिकित्सक है। हालांकि इससे पहले अशफाक, उसकी पत्नी, नवजात बेटी, मोहम्मद सिराज और एजाज रहमान का आईएस से कोई संपर्क सामने नहीं आया था।
मुंबई में मजीद के कई गेस्टहाउस हैं। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह बेहद चौंकाने वाला है कि मुंबई के कारोबारी का परिवार आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए सीरिया चला गया। हम धर्मोपदेशक मोहम्मद हनीफ से पूछताछ करके इस बात का पता लगा रहे हैं कि अशफाक और अन्य को आईएस में शामिल होने के लिए उकसाने में उसकी क्या भूमिका रही?’ फिलहाल मोहम्मद हनीफ अपराध शाखा की हिरासत में है।
मोबाइल पर संदेश भेजकर दी जानकारी
जून के आखिरी सप्ताह में अशफाक के छोटे भाई के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें अशफाक ने कहा कि वह आईएस के इलाके में जाकर बस गया है और वापस नहीं आना चाहता है। अशफाक ने अपने भाई को भेजे संदेश की आखिरी लाइन में लिखा कि वह अम्मी और अब्बू का ख्याल रखे।
मामले की जानकारी मिलने पर अशफाक के पिता अब्दुल मजीद ने छह अगस्त को हनीफ, अशफाक को सीरिया ले जाने वाले केरल के स्कूल का शिक्षक अब्दुर रशीद, नवी मुंबई निवासी अर्शी कुरैशी और कल्याण निवासी रिजवान खान के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
मजीद ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उसके बेटे को आईएस में शामिल होने के लिए उकसाया और उसका माइंडवास किया। उसने बताया कि वह बरेलवी मुस्लिम समुदाय से आते हैं, जबकि उनका बेटा 2014 में अलहे हदीस समुदाय को अपना लिया था। इसके बाद अप्रैल 2014 में निकाह कर लिया और इसकी जानकारी उनको बाद में दी। अशफाक उनका बड़ा बेटा है।