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अपनी सरकार-अपना बेटा, क्या कर सकते हैं: मुलायम
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Tue, 14 Feb 2017 09:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को इटावा के जसवंतनगर की एक सभा में पार्टी में चल रहे उतार-चढ़ाव पर बोलते हुए कहा कि 'उन्हें ही अपनी सरकार में कई बार जनहित के कार्यों को कराने के लिए दबाव बनाना पड़ा। ऐसे में वे क्या कर सकते हैं, सरकार भी अपनी है और बेटा भी अपना। इस सबके बीच सपा के युवा कार्यकर्ता एक रहें और शिवपाल सिंह यादव को रिकॉर्ड मतों से जिताकर विरोधियों की जमानत जब्त कराएं।'
जसवंतनगर के हिंदू विद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुलायम सपा में चल रही रार पर सीमित रहे। उन्होंने बातों ही बातों में सपा कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि कुछ भी हो समाजवादी पार्टी और मुख्यमंत्री दोनों अपने हैं, एक होकर सपा को मजबूत करें।
उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाया और कहा कि क्षेत्र से जितना जुड़ाव शिवपाल का है उतना प्रदेश में और किसी नेता का नहीं। उन्होंने जनसभा स्थल को अपनी पुरानी यादों से जोड़ते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर व जनेश्वर मिश्र जैसे बडे़-बड़े नेता कभी उनके साथ इस मंच पर हुआ करते थे और जसवंतनगर से चुनने के बाद ही वह राजनीति के शिखर पर पहुंचे और अगर अपने ही लोग गड़बड़ी नहीं करते तो वह प्रधानमंत्री भी बन चुके होते।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा रहा कि वे प्रधानमंत्री नहीं बने, नहीं तो अभी तक भूतपूर्व हो चुके होते और राजनीति से भी दूर हो जाते। उन्होंने कहा कि जसवंतनगर सीट पर उन्हें सात बार जीत मिली और इसके बाद शिवपाल को भी क्षेत्र की जनता लगातार रिकॉर्ड जीत दिलाती आई है इसलिए इस बार पिछला रिकॉर्ड टूटना चाहिए और सपा प्रत्याशी की रिकॉर्ड मतों से जीत होनी चाहिए।
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जसवंतनगर के हिंदू विद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुलायम सपा में चल रही रार पर सीमित रहे। उन्होंने बातों ही बातों में सपा कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि कुछ भी हो समाजवादी पार्टी और मुख्यमंत्री दोनों अपने हैं, एक होकर सपा को मजबूत करें।
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उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाया और कहा कि क्षेत्र से जितना जुड़ाव शिवपाल का है उतना प्रदेश में और किसी नेता का नहीं। उन्होंने जनसभा स्थल को अपनी पुरानी यादों से जोड़ते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर व जनेश्वर मिश्र जैसे बडे़-बड़े नेता कभी उनके साथ इस मंच पर हुआ करते थे और जसवंतनगर से चुनने के बाद ही वह राजनीति के शिखर पर पहुंचे और अगर अपने ही लोग गड़बड़ी नहीं करते तो वह प्रधानमंत्री भी बन चुके होते।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा रहा कि वे प्रधानमंत्री नहीं बने, नहीं तो अभी तक भूतपूर्व हो चुके होते और राजनीति से भी दूर हो जाते। उन्होंने कहा कि जसवंतनगर सीट पर उन्हें सात बार जीत मिली और इसके बाद शिवपाल को भी क्षेत्र की जनता लगातार रिकॉर्ड जीत दिलाती आई है इसलिए इस बार पिछला रिकॉर्ड टूटना चाहिए और सपा प्रत्याशी की रिकॉर्ड मतों से जीत होनी चाहिए।