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संक्रमण से जंग: ओमिक्रॉन संकट के बीच राहत भरी खबर, फरवरी में आ सकती है एमआरएनए वैक्सीन
Mon, 17 Jan 2022 02:46 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 17 Jan 2022 02:46 PM IST
सार
वैक्सीन के पहले दो चरण के आंकड़े औषधि महानियंत्रक को सौंप दिए गए हैं। तीसरे चरण के आंकड़े भी जल्द ही सौंपे जा सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
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विस्तार
ओमिक्रॉन के संकट के बीच देश को पहली एमआरएनए वैक्सीन फरवरी तक मिलने की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक एमआरएनए वैक्सीन का फरवरी में लोगों पर परीक्षण किया जा सकता है। पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स ने वैक्सीन के पहले दो चरण के आंकड़े औषधि महानियंत्रक को सौंप दिए हैं। वहीं तीसरे चरण के आंकड़े भी जल्द ही सौंपने वाले हैं।
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आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जल्द ही आंकड़ों की समीक्षा की जा सकती है। जल्द ही प्रभावकारिता और इम्यूनोजेनेसिटी के लिए मनुष्यों पर परीक्षण किया जाएगा। इससे पहले सितंबर 2021 के महीने में कहा था कि भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ने एचजीसीओ-19 के पहले और दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन को अपनी मंजूरी दे दी थी।
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एसईसी ने की पहले चरण के डेटा की समीक्षा
वैक्सीन विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने पहले चरण के डेटा की समीक्षा की। इसमें पाया कि वैक्सीन सुरक्षित है। साथ ही प्रतिरक्षा को बढ़ाने में भी सहायक है। भारत में लगभग 10-15 स्थलों पर इसके बारे में अध्ययन किया जा रहा है। उधर, 22-27 स्थानों पर तीसरे चरण का अध्ययन किया जा रहा है। एमआरएनए वैक्सीन न्यूक्लिक एसिड टीकों की श्रेणी से संबंधित है।