एमपी के उतार-चढ़ाव ने रोके मोदी और राहुल के कदम...
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इसके चलते ख़ुफ़िया एजेंसियां और लोकल पुलिस भी सतर्क हो गई थी, लेकिन शाम ढल गई और फिर रात हो गई, मगर न मोदी वहां पहुंचे और न ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह। इसी तरह कांग्रेस मुख्यालय, जहां दिनभर जश्न का माहौल रहा, वहां पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को शाम पांच बजे प्रेसवार्ता करनी थी। सवा पांच बजे सूचना मिली कि मध्यप्रदेश का पेंच फंसा होने के कारण राहुल गांधी आधा घंटा लेट आएंगे।फिर एक घंटा और बाद में कहा गया कि दो-ढाई घंटे बाद ही राहुल आ सकेंगे। वजह, एमपी की मतगणना में कांग्रेस-भाजपा की चूहा-बिल्ली वाली स्थिति होना रहा।
भाजपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ता दिखे, मगर नेताओं का अभाव रहा...
मीडिया में पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझान देखकर भाजपा कार्यकर्ता सुबह दस बजे से ही पार्टी मुख्यालय पहुंचना शुरु हो गए थे। दोपहर 12 बजे तक वहां कार्यकर्ताओं की अच्छी-खासी संख्या हो गई थी। सूचना मिली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं कई केंद्रीय मंत्री जल्द पार्टी मुख्यालय में पहुंचेंगे। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों ने भी डीडीयू मार्ग पर मोर्चा संभाल लिया था।
खास बात यह रही कि वहां पर कार्यकर्ता तो आते-जाते रहे, मगर भाजपा का एक भी केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता वहीं नहीं पहुंचा। कार्यकर्ताओं को बताया कि पीएम मोदी और अमित शाह दो बजे यहां आ सकते हैं। तीन बज गए और फिर देखते-देखते घड़ी की सूईं चार-पांच बजे के पार चली गई, लेकिन भाजपा का कोई भी बड़ा नेता पार्टी मुख्यालय में नहीं पहुंचा। पांच बजे के बाद जो थोड़े-बहुत कार्यकर्ता बचे थे, वे भी सरक लिए।
मध्यप्रदेश के चुनावी नतीजों ने राहुल की प्रेसवार्ता भी लेट करा दी........
24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में सुबह से लेकर रात आठ बजे तक कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा रहा। मुख्यालय के बाहर और भीतर जोशीले अन्दाज़ में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी चलती रही।कार्यकर्ताओं को कहा गया था कि पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद राहुल गांधी उन्हें संबोधित करेंगे। मीडिया कर्मियों तक भी यह संदेश पहुंचा दिया गया कि राहुल पांच बजे प्रेसवार्ता करेंगे। एसपीजी कर्मी पांच बजे से पहले ही कांग्रेस मुख्यालय में तैनात कर दिए गए थे।पांच बज गए, लेकिन राहुल नहीं आए।बताया गया कि वे एक घंटा देरी से आएंगे।
सवा सात बजे तक भी प्रेसवार्ता शुरु नहीं हो सकी। प्रेस हॉल मीडिया कर्मियों से खचाखच भरा हुआ था।कहा गया कि राहुल गांधी को अभी थोड़ा और समय लग सकता है। राहुल गांधी की प्रेसवार्ता में देरी का कारण मध्यप्रदेश की मतगणना में उतार-चढ़ाव होना बताया गया। मध्यप्रदेश के चुनावी नतीजे शाम करीब पांच बजे कांग्रेस पार्टी के लिए थोड़े चिंताजनक रहे। उस वक्त कांग्रेस पार्टी का ग्राफ 110 पर पहुंच गया था। भाजपा 109 पर थी।एक घंटे बाद कांग्रेस पार्टी 113 और भाजपा 109 पर आ गई। वोटों की गिनती के दौरान क़रीब 15 बार कांग्रेस-भाजपा, दोनों पार्टियाँ 110 के आँकड़े पर आ गई थी। सीटों के इसी उलटफेर की वजह से राहुल गांधी की प्रेसवार्ता भी आगे सरकती रही।