पाकिस्तान में कैद बेटे के लिए मां ने सरकार से लगाई गुहार
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वर्ष 2012 से पाकिस्तान की जेल में बंद हामिद नेहाल अंसारी की मां ने शनिवार को कहा कि भारत सरकार को उनके बेटे को वतन वापस लाने के लिए हर कदम उठाना चाहिए। मुंबई के रहने वाले 31 वर्षीय अंसारी इंजीनियरिंग और प्रबंधन में स्नातक है और एक सैन्य अदालत ने फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र के मामले में उसे तीन साल जेल की सजा सुनाई है।
उसकी मां ने पाकिस्तान सरकार से भी हामिद के लिए दया की भीख मांगी है और कहा कि पाक सरकार उनके बेटे को जल्द से जल्द वतन वापस भेजने की कृपा करे।
हामिद की मां फौजिया अंसारी ने कहा, ‘हमें इस बाबत की जानकारी मीडिया से मिली और हमारे वकील ने हमें सूचित किया कि हामिद के साथ इस तरह की घटना हुई है।’ अंसारी के वकील के मुताबिक भारतीय कैदी के साथ पेशावर जेल में हाल ही में कम से कम तीन बार हमले हुए हैं।
बकौल अंसारी, ‘भारत सरकार से हमारा आग्रह है कि वह हामिद की मदद करे। हामिद ने कोई जघन्य अपराध नहीं किया है। उसकी गलती यह है कि वह फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़ा गया और वह पहले ही सजा भुगत चुका है।
पिछले चार वर्षों से हामिद पाकिस्तान की जेल में बंद है। मैं नहीं जानती कि मेरे बेटे ने क्या अपराध किया है। उसके लापता होने से पहले पाकिस्तान से उसके दोस्त ने फेसबुक पर लिखा, ‘एक लड़की से मिलने और उसकी मदद के लिए हामिद पाकिस्तान आया है।’
पाक में कैद युवक की मदद को आगे आईं सुषमा
(एजेंसी/नई दिल्ली) केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग को निर्देश दिया कि उस भारतीय कैदी की मदद के लिए वकील तलाश करें, जिस पर पेशावर सेंट्रल जेल में तीन बार हमला कर जख्मी कर दिया गया है।
मुंबई के रहने वाले हामिद नेहाल अंसारी को 2012 में उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था जब वह ऑनलाइन प्यार होने के बाद एक लड़की से मिलने के लिए अफगानिस्तान से गैरकानूनी रूप से पाकिस्तान में प्रवेश कर गया। अंसारी की मां फौजिया अंसारी ने अपने बेटे की वतन वापसी के लिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। साथ ही पाकिस्तान सरकार से भी रहम की भीख मांगी है।
सुषमा ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं यह खबर पढ़कर काफी आहत हुईं हूं कि हामिद अंसारी पर कई बार हमले हुए। हामिद 2012 से पेशावर जेल में बंद है। यह अमानवीय है। मैंने पाकिस्तान में हमारे उच्चायुक्त से कहा कि वह हामिद अंसारी की मदद के लिए वकील ठीक करें और अस्पताल और जेल की रिपोर्ट लें।’
31 वर्षीय अंसारी को फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने के लिए एक सैन्य अदालत ने तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। अंसारी के वकील काजी मोहम्मद अनवर ने पेशावर हाईकोर्ट पीठ को बृहस्पतिवार को बताया कि उनके मुवक्किल पर हाल के महीनों में जेल साथियों द्वारा तीन बार हमले हो चुके हैं।
अनवर ने कोर्ट को यह भी बताया कि अंसारी को डेथ सेल में उन सौ कैदियों के साथ रखा गया है, जो हत्या के मामले में फांसी का इंतजार कर रहे हैं। अंसारी ने कहा कि उनके मुवक्किल को तीन बार इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और यहां तक ही हेड वार्डन ने बिना कारण के उसे बेरहमी से पीटा।
अंसारी की मां फौजिया अंसारी ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर यह पूछा कि उनका बेटा अंसारी 2012 में कोहाट में खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की हिरासत से गायब है। इस पर हाईकोर्ट ने 13 जनवरी को सूचित किया कि वह पाकिस्तान सेना की हिरासत में है और उसे एक सैन्य अदालत द्वारा तीन साल जेल की सजा दी है।