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रेलवे प्लेटफॉर्म पर लगेंगे 2000 से अधिक एटीएम
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 Jan 2017 03:53 PM IST
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रेल मंत्रालय पहली बार अपनी गैर किराया राजस्व नीति को जारी करने जा रहा है, जिसके तहत देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर 2000 से अधिक एटीएम लगेंगे। इसके अलावा ट्रेन की ब्रांडिंग और रेल रेडियो स्कीम को भी शुरू किया जाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आने वाले सप्ताह में इस नीति को जारी करेंगे।
2000 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य
रेलवे की नजर गैर-शुल्क स्रोतों से सालाना 2,000 करोड़ रुपये कमाने पर है। रेलवे ने रेलगाड़ी, लेवल क्रासिंग, रोड ओवरब्रिज और ट्रैक के पास वाली जगहों पर विज्ञापन लगाने के लिए इस दुनिया के बड़े नामों को संपर्क किया है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रेलवे गैर शुल्क स्रोतों से कुल राजस्व का सिर्फ 5 फीसदी कमाई करता है।
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2000 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य
रेलवे की नजर गैर-शुल्क स्रोतों से सालाना 2,000 करोड़ रुपये कमाने पर है। रेलवे ने रेलगाड़ी, लेवल क्रासिंग, रोड ओवरब्रिज और ट्रैक के पास वाली जगहों पर विज्ञापन लगाने के लिए इस दुनिया के बड़े नामों को संपर्क किया है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रेलवे गैर शुल्क स्रोतों से कुल राजस्व का सिर्फ 5 फीसदी कमाई करता है।
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10 साल के लिए होगा अनुबंध
रेलवे
- फोटो : amar ujala
अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि एटीएम प्लेटफार्म के अंतिम हिस्से या स्टेशन के मुख्य क्षेत्र में होंगे। स्टेशन को एटीएम लगाने की प्रक्रिया पारदर्शी ई-निलामी से दिया जाएगा। अनुबंध 10 साल का होगा। इसके तहत आउट ऑफ होम विज्ञापन नीति को भी जारी किया जाएगा, जिसके तहत रेलवे स्टेशन की इमारत पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। रेल डिस्पले नेटवर्क के तहत शुरूआती चरण में 25 स्टेशनों को शामिल किया जाएगा जिसमें वाराणसी, पुरानी दिल्ली, जयपुर शामिल हैं।
ट्रेन कोच के अंदर भी होगी ब्रांडिंग
इस नीति के तहत कोच के अंदर और बाहर बिज्ञापन की ब्रांडिंग की जा सकेगी और कंपनियां अपने प्रॉडक्ट का सैम्पल भी दिखा सकेंगे। इसकी शुरूआत सबसे पहले शताब्दी और राजधानी ट्रेनों से होगी। अभी फिलहाल कुछ शताब्दी ट्रेनों जैसे की नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस में इसका प्रयोग हो रहा है।
ट्रेन कोच के अंदर भी होगी ब्रांडिंग
इस नीति के तहत कोच के अंदर और बाहर बिज्ञापन की ब्रांडिंग की जा सकेगी और कंपनियां अपने प्रॉडक्ट का सैम्पल भी दिखा सकेंगे। इसकी शुरूआत सबसे पहले शताब्दी और राजधानी ट्रेनों से होगी। अभी फिलहाल कुछ शताब्दी ट्रेनों जैसे की नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस में इसका प्रयोग हो रहा है।