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दिल का दौरा पड़ने से मुरादाबाद की मेयर वीना अग्रवाल का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 27 May 2016 02:13 AM IST
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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महापौर वीना अग्रवाल नहीं रहीं। बुधवार देर रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा और गुरुवार को दोपहर दिल्ली के एस्कार्ट हास्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली। गुरुवार दोपहर अचानक पहुंची उनके निधन की खबर से पूरा शहर सन्न रह गया। जिसने भी ये खबर सुनी उसके कदम मेयर के प्रभात मार्केट स्थित घर की ओर बढ़ते गए। गुरुवार देर शाम उनका पार्थिव शरीर शहर पहुंचा तो तमाम आंखें नम हो गईं। शुक्रवार को दोपहर बारह बजे बृजघाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
डेढ़ दशक पहले महानगर की पहली महिला मेयर के रूप में राजनीति में कदम रखने वालीं वीना अग्र्रवाल अपनी बेदाग छवि और सादगी के चलते सभी वर्गों में लोकप्रिय थीं। नवंबर 2000 से जनवरी 2006 तक पहला टर्म पूरा करने के बाद वह जुलाई 2012 में दोबारा महापौर चुनी गई थीं। महापौर के परिजनों का कहना है कि वीना अग्रवाल को बुधवार दोपहर सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। लेकिन वह उसे नजरंदाज करती रहीं।
बुधवार रात करीब आठ बजे बेचैनी बढ़ने पर उन्हें कार्डियोलाजिस्ट डा. अनुराग मेहरोत्रा के यहां ले जाया गया। लेकिन डाक्टर की सलाह को नजरंदाज करके एडमिट होने के बजाय दवा लेकर घर आ गईं। रात ढाई बजे घर पर उनकी तबीयत बिगड़ गई। सुबह आठ बजे उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में दो हार्ट अटैक आने की वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। एस्कार्ट में सीनियर डाक्टर्स की टीम ने उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की लेकिन वेंटिलेटर पर ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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डेढ़ दशक पहले महानगर की पहली महिला मेयर के रूप में राजनीति में कदम रखने वालीं वीना अग्र्रवाल अपनी बेदाग छवि और सादगी के चलते सभी वर्गों में लोकप्रिय थीं। नवंबर 2000 से जनवरी 2006 तक पहला टर्म पूरा करने के बाद वह जुलाई 2012 में दोबारा महापौर चुनी गई थीं। महापौर के परिजनों का कहना है कि वीना अग्रवाल को बुधवार दोपहर सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। लेकिन वह उसे नजरंदाज करती रहीं।
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बुधवार रात करीब आठ बजे बेचैनी बढ़ने पर उन्हें कार्डियोलाजिस्ट डा. अनुराग मेहरोत्रा के यहां ले जाया गया। लेकिन डाक्टर की सलाह को नजरंदाज करके एडमिट होने के बजाय दवा लेकर घर आ गईं। रात ढाई बजे घर पर उनकी तबीयत बिगड़ गई। सुबह आठ बजे उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में दो हार्ट अटैक आने की वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। एस्कार्ट में सीनियर डाक्टर्स की टीम ने उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की लेकिन वेंटिलेटर पर ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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