फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   monsoon season on continuous break alarming drought core zone not receive any rainfall for 17 days

चिंता: सूखे का संकेत है मानसून का लंबा ठहराव, 11 दिनों से थमा बरसात का सिलसिला, क्या टूटेगा 1972 का रिकॉर्ड

Sat, 19 Aug 2023 05:59 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 19 Aug 2023 05:59 AM IST
सार

विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ब्रेक तब होता है जब मानसून ट्रफ उत्तर की ओर शिफ्ट हो जाता है। यह स्थिति हिमालय की तलहटी और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा को बढ़ाती है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में कमजोर कर देती है।
 

विज्ञापन
monsoon season on continuous break alarming drought core zone not receive any rainfall for 17 days
Monsoon - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा मानसून सीजन पिछले 11 दिनों से लगातार ठहराव पर है। यह और अधिक सूखे दिनों का संकेत दे रहा है। ग्यारह दिनों तक बारिश न होना अच्छा संकेत नहीं है। अल नीनो का प्रभाव जो अभी चरम पर है, मौजूदा ठहराव की स्थिति में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ब्रेक तब होता है जब मानसून ट्रफ उत्तर की ओर शिफ्ट हो जाता है। यह स्थिति हिमालय की तलहटी और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा को बढ़ाती है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में कमजोर कर देती है। विशेष रूप से मुख्य मानसून क्षेत्र या पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक फैला क्षेत्र इसके दायरे में आता है। सक्रिय चरण से मानसून का विराम काफी सामान्य है।
विज्ञापन


वर्तमान स्थिति के बारे में चिंताजनक बात यह है कि यह ठहराव 1951 के बाद सबसे लंबे ठहराव की ओर इशारा कर रहा है। आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि पिछले 73 सालों में कुल 10 ऐसे मौके आए हैं जब ठहराव का दौर 10 दिनों से ज्यादा रहा है। 1972 में लगातार 17 दिनों तक वर्षा नहीं हुई थी।  1966 और 2002 में ठहराव का दौर कई मौकों पर 10 दिनों तक रहा था। विशेषज्ञ के अनुसार मानसून अभी भी उपमहाद्वीप से वापस जाने में डेढ़ महीने दूर है लेकिन यह देखना बाकी है कि इस सीजन में देशभर में बारिश का अनुपात और खरीफ उत्पादन कैसा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


268 जिलों में हुई सबसे कम बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के वर्षा वर्गीकरण के अनुसार इस सीजन में मानसून दीर्घकालिक औसत की तुलना में छह प्रतिशत कम लेकिन ‘सामान्य’ रहा है। लेकिन यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि इसका वितरण विषम हो गया है। 717 में से कुल 268 जिलों में बारिश कम से लेकर बहुत कम तक हुई है। अब तक के मानसूनी सीजन में बारिश में काफी विसंगति नजर आई। उत्तराखंड और हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश ने भारी तबाही मचाई तो पश्चिमी राजस्थान और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र भी तरबतर रहे। वहीं, केरल, गंगीय प.बंगाल, बिहार और झारखंड जैसे आर्द्र क्षेत्र कम वर्षा के कारण शुष्क रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed