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Monkeypox: क्यों लाखों लोग चूक सकते हैं वैक्सीनेशन से!, विकसित देशों की पहल खड़ी कर सकती है कोरोना जैसी मुसीबत

Tue, 02 Aug 2022 03:31 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 02 Aug 2022 03:31 PM IST
सार

Monkeypox: केंद्र सरकार ने मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर एक टास्क फोर्स का गठन किया है। जो बीमारी की रोकथाम, जांच, उपचार और टीकाकरण को लेकर दिशा-निर्देश तय करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे

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Monkeypox: Developed countries start ordering millions of doses of monkeypox vaccine
मंकीपॉक्स से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : istock

विस्तार

भारत में मंकीपॉक्स वायरस ने अपने पैर पसार लिए हैं। कई राज्यों में वायरस से संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इस वायरस देश में एक मौत हो चुकी है। हालांकि बढ़ते मामलों के बीच विकसित देशों ने मंकीपॉक्स की वैक्सीन की लाखों खुराक ऑर्डर करना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर भविष्य में अफ्रीकी देशों के साथ विकासशील देशों को भेजे जाने वालीं डोज पर भी दिखाई देगा। इसके चलते लाखों लोग वैक्सीन लेने से चूक सकते हैं। इससे वायरस के एक और खतरनाक वैरिएंट के इंसानों में फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

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ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ एमोरी यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बोघुमा कबिसन टाइटनजी ने मीडिया को कहा, दुनिया में कोविड-19 के दौरान जो गलतियां की, वहीं गलतियां फिर से दोहराई जा रही हैं। मंकीपॉक्स वायरस के लिए वैक्सीन की असमानता फिर से एक और तबाही मचा सकती है। जैसा कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान हुआ था। मंकीपॉक्स कोविड-19 की तरह इतनी तेजी से नहीं फैलता है। लेकिन अफ्रीका के बाहर सामान्य आबादी में फैलने वाली बीमारी के लिए वैक्सीनेशन को तेज करने की जरूरत हो सकती है। हालांकि इसके लिए अभी सामूहिक टीकाकरण की जरूरत नहीं होगा। लेकिन मौजूदा खुराक का टारगेट इस्तेमाल और दूसरे उपायों के इस बीमारी पर तेजी से काबू पाया जा सकता है।

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बढ़ते मामलों पर सरकार ने भी कसी कमर

केंद्र सरकार ने मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर एक टास्क फोर्स का गठन किया है। जो बीमारी की रोकथाम, जांच, उपचार और टीकाकरण को लेकर दिशा-निर्देश तय करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे। टीम का नेतृत्व नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल करेंगे और सदस्यों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, फार्मा और बायोटेक के सचिव शामिल होंगे। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और स्वास्थ्य महानिदेशक को मंकीपॉक्स से जुड़े मामलों पर निगरानी रखने के निर्देश दिया गया। यह टास्क फोर्स जांच सुविधाओं के विस्तार से लेकर वैक्सीन तैयार करने तक में सरकार को दिशा-निर्देश देगी। फिलहाल भारत में अभी तक कुल छह से ज्यादा मामले आ चुके हैं। अब तक इस वायरस से एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है।

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केरल में हुई मंकीपॉक्स से पहली मौत

हाल ही में केरल में मंकीपॉक्स से संक्रमित 22 साल के युवक की मौत हुई है। इसे मंकीपॉक्स से संक्रमित देश में पहली मौत बताया गया है। युवक संयुक्त अरब अमीरात से लौटा था। शनिवार सुबह त्रिशूर के एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। दरअसल युवक की रिपोर्ट संयुक्त अरब अमीरात में ही मंकीपॉक्स पॉजिटिव आई थी।



उधर, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि युवक की मौत के कारणों की जांच की जाएगी। उसके नमूनों की रिपोर्ट अब तक आई नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज युवा था और उसे कोई और बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी कोई दूसरी दिक्कत नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग उसकी मौत के कारणों का पता लगा रहा है। केरल के त्रिशूर जिले के 22 साल के एक लड़के की शनिवार को मौत हो गई थी। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, मंकीपॉक्स के लक्षण वाले व्यक्ति की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। उसका विदेश में हुए टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव निकला, उसने त्रिशूर में इलाज की मांग की थी।

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