{"_id":"579aebc64f1c1bf62e21f188","slug":"monkey-spend-time-in-parliament-library","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद भवन की लाइब्रेरी में पहुंचा बंदर, आधे घंटे बाद वीवीआईपी गेट से निकला बाहर ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
संसद भवन की लाइब्रेरी में पहुंचा बंदर, आधे घंटे बाद वीवीआईपी गेट से निकला बाहर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:56 PM IST
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देश की सबसे ज्यादा सुरक्षित समझी जाने वाली संसद की सुरक्षा में गुरुवार को बड़ी चूक हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद की कार्यवाही के दौरान ही एक बंदर संसद भवन की लाइब्रेरी में पहुंच गया। उसने वहां तकरीबन 30 मिनट बिताए।
बताया जा रहा है कि बंदर आधे घंटे तक पत्रकारों और सांसदों के लिए बने रीडिंग रूम में रहा। इसके बाद वह उसके बगल में स्थित गैलरी एरिया में लगे मेजों पर उछलकूद मचाने लगे। इस दौरान वह वहां से निकलने की लगातार कोशिश करता रहा।
काफी जद्दोजगह के बाद वह मुख्य दरवाजे से बाहर निकलते हुए कॉरिडोर की हरी कॉरपेट पर चलते हुए बिल्डिंग में वीआईपीज के लिए बने मेन गेट से बाहर निकल गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान सेंट्रल हॉल में कई सांसद, मंत्री और पत्रकार मौजूद थे।
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बताते चलें कि बंदरों के आतंक को देखते हुए इससे पहले भी संसद भवन में लंगूरो को छोड़ा गया था, लेकिन गुरुवार को वहां कोई भी लंगूर नहीं था। वहीं, लाइब्रेरी के कर्मचारियों ने संसद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी बुलाने का प्रयास किए, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
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बताया जा रहा है कि बंदर आधे घंटे तक पत्रकारों और सांसदों के लिए बने रीडिंग रूम में रहा। इसके बाद वह उसके बगल में स्थित गैलरी एरिया में लगे मेजों पर उछलकूद मचाने लगे। इस दौरान वह वहां से निकलने की लगातार कोशिश करता रहा।
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काफी जद्दोजगह के बाद वह मुख्य दरवाजे से बाहर निकलते हुए कॉरिडोर की हरी कॉरपेट पर चलते हुए बिल्डिंग में वीआईपीज के लिए बने मेन गेट से बाहर निकल गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान सेंट्रल हॉल में कई सांसद, मंत्री और पत्रकार मौजूद थे।
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बताते चलें कि बंदरों के आतंक को देखते हुए इससे पहले भी संसद भवन में लंगूरो को छोड़ा गया था, लेकिन गुरुवार को वहां कोई भी लंगूर नहीं था। वहीं, लाइब्रेरी के कर्मचारियों ने संसद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी बुलाने का प्रयास किए, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।