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भारत में आतंक मचाने के लिए पाकिस्तान और दुबई से हवाला के जरिए भेजा जा रहा है पैसा
Sat, 09 Feb 2019 04:35 PM IST
आसिम खान
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 09 Feb 2019 04:35 PM IST
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भारत में आतंक मचाने के लिए पाकिस्तान और दुबई से हवाला के जरिए आतंकवादियों को पैसा भेजा जा रहा है। एनआईए जांच में सामने आया है कि इस साजिश में पाकिस्तानी आतंकवादी समूह फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) शामिल हैं। ये आतंकी संगठन भारत में युवकों को गुमराह कर अपने समूह में ला रहे हैं। इन्हें हवाला चैनल के जरिए पाकिस्तान व दुबई से जो आर्थिक सहायता मिलती है, ईडी ने उसकी जांच शुरु की है। पीएमएलए के तहत फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि हवाला चैनलों के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकवादी समूह फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन बड़ी राशि भारत में भेज रहा है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि किन राज्यों में इनका नेटवर्क है और वे कौन कौन लोग हैं जो इनकी मदद कर रहे हैं। हवाला के तहत पैसे को किस तरह घुमाया जा रहा है, यह जांच का विषय रहेगा। फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कुछ समय पहले ही मामला दर्ज किया था। इस केस में एनआईए ने निजामुद्दीन के रहने वाले मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार किया है।
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आरोप है कि सलमान दुबई में रह रहे एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ नियमित रूप से संपर्क में था। दुबई में रहने वाला शख्स एफआईएफ के उप प्रमुख के साथ जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि एफआईएफ पाकिस्तान के आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा का एक सहयोगी संगठन है। एफआईएफ बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से धन प्राप्त करता है और उसे इसी तरह के दूसरे चैनलों के जरिए भारत में भेज देता है। एनआईए के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल नए युवकों को संगठन में भर्ती करने के लिए हो रहा था। यह आतंकी संगठन का पहला पड़ाव था।
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दूसरे चरण में ये लोग भोलेभाले युवकों के हाथ में हथियार सौंपने की तैयारी कर रहे थे। युवकों को टीएनटी विस्फोट तैयार करने और हल्के ग्रेनेड बनाने का प्रशिक्षण दिया जाना था। एनआईए ने मोहम्मद सलमान के कब्जे से 1,56,00,000 रुपये, नेपाली मुद्रा के 43000 रुपये, 14 मोबाइल फोन, 5 पेन ड्राइव और अन्य गुप्त दस्तावेज बरामद किए हैं।
कश्मीर से भी तार जुड़े हैं, कई जगह पर हो रही छापेमारी
जांच में पता चला है कि एफआईएफ के कथित सदस्य मोहम्मद सलमान, दरियागंज में रहने वाले मोहम्मद सलीम और श्रीनगर के हवाला कूरियर सज्जाद अब्दुल वानी हर माह पाकिस्तान-दुबई से कुछ न कुछ राशि भारत ला रहे थे। ये कश्मीर में आतंक फैलाने वाले कई दूसरे आतंकी संगठनों के भी संपर्क में थे। दिल्ली स्थित एक बैंक की शाखा में भी पूछताछ की जा रही है। इनकी आय के कुछ अन्य स्त्रोतों का भी पता लगाया जा रहा है। जांच एजेंसी को इनमें कई ऐसे अपराधिक समूहों के शामिल होने की संभावना नजर आ रही है, जो स्थानीय स्तर पर अपराध की गतिविधियों को अंजाम देते हैं। किन राज्यों में ऐसे ठिकाने हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।