सपा में लूट के माल की बंदरबांट का झगड़ा: भाजपा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में सपा में चल रहे महाभारत को भाजपा ने लूट के माल में बंदरबांट के कारण उपजा विवाद को बताया है। पार्टी ने कहा है कि सत्ता जाते देख मुलायम परिवार के सदस्य करीब पांच साल की सत्ता में लूट के जरिए हासिल किए गए धन को बांटने में उलझ गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मुलायम परिवार के अलग-अलग सदस्य इन विवादों के जरिए अपने अपने पापों पर परदा डालने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
रविवार को पार्टी से निकाले गए रामगोपाल यादव की भाजपा से मिलीभगत संबंधी शिवपाल यादव के आरोपों को उन्होंने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुलायम परिवार के सदस्यों से न तो सरकार संभल रही है और न ही पार्टी।
राष्ट्रीय सचिव शर्मा ने कहा कि सारा विवाद उस धन का है जिसे पांच साल की सत्ता में अनाप शनाप तरीके से इकट्ठा किया गया। इसी धन के बंदरबांट पर मुलायम परिवार के सदस्य आपस में ही उलझ गए हैं। अगर ऐसा नहीं है तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्यों साढ़े चार साल तक उन मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में बनाए रखा, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे।
'रामगोपाल हों या कोई और भाजपा की किसी से मिलीभगत नहीं'
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि खुद सपा प्रमुख ने कई बार अखिलेश सरकार के मंत्रियों पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया। इसके बावजूद कार्रवाई न होना साबित करता है कि अखिलेश सरकार के मंत्री और सपा में अहम पद पर बैठे नेता मुलायम परिवार के लिए धन संग्रह का अभियान चला रहे थे।
शर्मा ने कहा कि राज्य की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। इसे मुलायम परिवार का एक-एक सदस्य समझ रहा है। ऐसे में सत्ता जाती देख कर सभी लूट के माल के बंदरबांट में उलझ गए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रामगोपाल हों या कोई और भाजपा की किसी से मिलीभगत नहीं है। न ही भाजपा को इस परिवार के किसी सदस्य की जरूरत ही है।