{"_id":"58411f984f1c1b0f1ede8032","slug":"mohan-bhagwat-statement-over-rss-thaught","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहन भागवत ने कहा, आरएसएस एक लत, खुले विचार वाला ही हो सकता है शाामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मोहन भागवत ने कहा, आरएसएस एक लत, खुले विचार वाला ही हो सकता है शाामिल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:49 PM IST
विज्ञापन
मोहन भागवत
- फोटो : ब्यूरो/ आगरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 90 साल पूरे होने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इसे मानव विकास का अनूठा मॉडल बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस संगठन को समझने के लिए व्यक्ति को खुले विचार वाला का होना पड़ेगा।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक एक लत है। जो भी इसका आदि हो जाता है, वह कहीं और नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस लत की वजह से ही कुछ लोग इस संगठन में शामिल नहीं हो सकते।
संघ प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के लिए या फिर इसे छोड़ने के लिए हर कोई पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए प्रयास करना बहुत ही जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक एक लत है। जो भी इसका आदि हो जाता है, वह कहीं और नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस लत की वजह से ही कुछ लोग इस संगठन में शामिल नहीं हो सकते।
विज्ञापन
संघ प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के लिए या फिर इसे छोड़ने के लिए हर कोई पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए प्रयास करना बहुत ही जरूरी है।
विज्ञापन