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Ambedkar Jayanti: मोहन भागवत बोले- जातियों और संप्रदायों से पैदा हुआ विभाजन, हमें फिर एक होने की जरूरत

Fri, 14 Apr 2023 09:55 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 14 Apr 2023 09:55 PM IST
सार

मोहन भागवत ने डॉ. बी आर आंबेडकर को उनकी 132वीं जयंती पर याद किया और कहा कि बाबा साहेब ने कहा था कि समानता आधारित समाज से ही देश का विकास होगा।

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Mohan Bhagwat bats for unity among castes and sects
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : एएनआई

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच एकता का संदेश देते हुए शुक्रवार को कहा कि पहले हम एक थे, लेकिन हमने जातियों के रूप में विभाजन पैदा किया, जिसे विदेशियों ने चौड़ा किया। इस देश के लिए हमें एक बार फिर एक बनना होगा। भागवत यहां 'समाज शक्ति संगम' कार्यक्रम में आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित संबोधित कर रहे थे। 

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भागवत ने डॉ. बी आर आंबेडकर को उनकी 132वीं जयंती पर याद किया और कहा कि बाबा साहेब ने कहा था कि समानता आधारित समाज से ही देश का विकास होगा। संघ प्रमुख ने कहा, "आंबेडकर ने कहा था कि हम विदेशी आक्रमणकारियों से हार गए क्योंकि हम विभाजित थे।" उन्होंने कहा, "पहले हम एक थे, लेकिन हमने जातियों और संप्रदायों जैसी चीजों से विभाजन पैदा किया और विदेशियों ने इसे चौड़ा कर दिया। अब देश के विकास के लिए हमें फिर से एक होने की जरूरत है।"
 

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उन्होंने कहा, "बड़ी चीजें एक बार हो जाने के बाद देखी जा सकती हैं लेकिन जब काम शुरू होता है तो कोई भी इस पर ध्यान नहीं देता है... डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जन्म एक ऐसी ही घटना थी। उस समय किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया होगा लेकिन हम बदलाव देख सकते हैं। डॉ. बाबासाहेब नहीं रहे लेकिन वह बदलाव आना अभी बाकी है। हमें इसकी ओर चलना होगा।" 
 

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उन्होंने आगे कहा, हमने डॉ. बाबा साहेब के नेतृत्व में अपने संविधान का मसौदा तैयार किया। जब भारत की संसद में उस संविधान का अनावरण किया गया था, तो डॉ बाबा साहेब ने दो भाषण दिए थे... यह हमारे लिए उस स्वतंत्रता के लिए खुद को योग्य बनाने के लिए एक मार्गदर्शक हैं। हमें इसे हर साल 14 अप्रैल और 6 दिसंबर को पढ़ना चाहिए और आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। वह एकता के महत्व की बात करते हैं।

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