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Modi Govt 8 Years: सरकार थपथपा रही है पीठ तो कांग्रेस बोली- कहां है मंहगाई घटाने, रोजगार देने और अच्छे दिन का वादा?

Thu, 26 May 2022 06:29 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 26 May 2022 06:29 PM IST
सार

अगर सत्ता पक्ष की बात करें तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ करते नहीं थकते। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल हमेशा यह कहकर विपक्ष को चिढ़ाते हैं कि उसके पास नकारात्मकता के सिवाय कोई मुद्दा ही नहीं है। शास्त्री भवन में बैठे एक मंत्रालय के सचिव कहते हैं कि आठ साल में सरकारी गलियारे में बहुत कुछ बदला है...

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Modi Govt 8 Years: Congress slammed modi government for its performance recounts 8 failures of Modi in 8 years
पीएम मोदी और अमित शाह - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी की सरकार आठ साल के कार्यकाल और कामकाज के लिए अपनी थपथपा रही है। इसके जवाब में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आठ साल के कामकाज को 8 बड़ा छल बताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन कहते हैं कि हम तो विपक्ष हैं। अपनी भूमिका निभा रहे हैं। सवाल तो पूछेंगे। प्रधानमंत्री बताएं कि कहां गया उनका मंहगाई भगाने, युवाओं को रोजगार देने और देश की जनता के अच्छे दिन लाने का वादा। मोदी सरकार के 8 साल की समीक्षा करते हुए मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि 8 साल, 8 छल, मोदी सरकार विफल। यह तो बस जुमले की सरकार है और अब नारा बदलकर सत्ता के लिए नफरत को बढ़ावा दे रही है।

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अगर सत्ता पक्ष की बात करें तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ करते नहीं थकते। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल हमेशा यह कहकर विपक्ष को चिढ़ाते हैं कि उसके पास नकारात्मकता के सिवाय कोई मुद्दा ही नहीं है। शास्त्री भवन में बैठे एक मंत्रालय के सचिव कहते हैं कि आठ साल में सरकारी गलियारे में बहुत कुछ बदला है। कामकाज का तरीका तो काफी बदला है। हलांकि अभी काफी कुछ बदला जाना है। सरकार के पैरोकार कुछ कामों को बड़ी शिद्दत से गिनाते हैं। इसमें उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, जल जीवन मिशन, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाना, प्रधानमंत्री आवास योजना और गांव-गांव तक बिजली के कनेक्शन पहुंचाने को प्रमुख मानते हैं।
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रक्षा, विदेश, वित्त, शिक्षा, टेलीकॉम, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी भी सरकार की पहल को गिनाने में पीछे नहीं हैं। डीआरडीओ के एक प्रमुख वैज्ञानिक आत्मनिर्भर भारत की सोच को काफी अहम बताते हैं। दो बार सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए पड़ोसी देश, आतंकवाद को कड़ा संदेश देना, जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम) को लागू कराना, डिजटिल इंडिया का सशक्त प्लेटफार्म, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की समाप्ति, केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा लागू करना जैसे प्रमुख कदम हैं। और तो और नया संसद भवन बन रहा है। केंद्रीय सचिवालय की यह योजना क्या गर्व की बात नहीं है।

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सबको गौरव दिला रहे हैं प्रधानमंत्री

संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि आठ साल के कामकाज पर वह क्या बोलें? इसे देश की जनता अब खुद ही महसूस कर रही है। प्रधानमंत्री ने देश की जनता को उसका गौरव दिलाया है। सूत्र का कहना है कि उन्होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का नारा दिया है। इसे आप कैसे झुठला सकते हैं। आज सड़कें बन रही हैं। गांवों में बिजली, स्वच्छ पेय जल है। देश की बहुसंख्यक आबादी भी देश में अपना समुचित सम्मान पा रही है। सूत्र का कहना है कि आप खुद मुड़कर पीछे देख लीजिए, राजनीतिक सोच की पूरी धारा बदल गई है। अब हिंदी, हिंदू, हिंदुत्व के हितों की बात करने में कोई संकोच नहीं होता। राष्ट्रीयता की भावना मजबूत आधार पा रही है।

यहां सब मौन साध लेते हैं?

जब बात एक झटके में 500-1000 के नोट बंद करने (विमुद्रीकरण) और नोटों के रंग बदलने के फायदे के बारे में पूछने पर कोई जवाब नहीं मिलता। कृषि मंत्रालय के अधिकारी भी अब तीनों कृषि कानूनों की वापसी और किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के वादे पर कोई चर्चा नहीं करना चाहते। गृह मंत्रालय के अधिकारी सीएए और एनआरसी को लेकर भी अभी किसी तरह की चर्चा की पक्ष में नहीं हैं। हां, कानून मंत्रालय अगले चरण के कानूनी प्रावधानों में जरूर व्यस्त है। रेल मंत्रालय अभी कोरोना काल के दौरान रफ्तार खो चुकी भारतीय रेल को पटरी पर लाने की तैयारी कर रहा है।

आठ साल, आठ छल

कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी सरकार के आठ साल पूरे होने पर मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, वरिष्ठ नेता अजय माकन ने पक्ष रखा। सुरजेवाला ने कहा- "मंहगे दिन, नौकरी बिन। अर्श से फर्श, अर्थ व्यवस्था के आठ वर्ष। आमदनी हुई न दोगुना, दर्द सौ गुना। विकास से नहीं नाता, बस नफरत फैलाना आता। राष्ट्रीय सुरक्षा पर आंच, मोदी सरकार ने बंद की आंख।"



अजय माकन कहते हैं कि भीषण बेरोजगारी है। देश के 84 फीसदी लोगों की आमदनी घटी। 60 करोड़ सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योग पर ताला लगा। 12 करोड़ लोगों की नौकरियां छूट गई। 1000 रुपये के पार रसोई गैस सिलेंडर जा रहा है तो पेट्रोल, डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। माकन कहते हैं कि अच्छे दिन की जहां तक बात है तो 142 अमीरों के अच्छे दिन आए हैं। उन्होंने 30 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। बैंक को लूटकर पांच लाख 35 हजार करोड़ का फ्रॉड करने वाले नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चोकसी, संदेसरा भाइयों के भी अच्छे दिन आए हैं।

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