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उ.प्र., बिहार में गठबंधन के बाद 2019 में नहीं आएगी मोदी सरकार: कांग्रेस

Fri, 03 Aug 2018 10:05 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Aug 2018 10:05 PM IST
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Modi government will not come in 2019 after coalition in UP bihar says congress

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आत्म विश्वास हिलोरें मार रहा है। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों की मानें तो उनके अध्यक्ष को 2019 में मोदी सरकार के सत्ता में लौटने का कोई अंदेशा नहीं नजर आ रहा है। 

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सूत्र राहुल गांधी के गणित के बारे में बताते हुए कहते हैं कि यदि मोदी सरकार 230-240 सीट तक पा सकी तो सरकार बना सकती है। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष का मानना है कि मोदी को यदि इससे कम सीटें आयी तो सहयोगी उनका साथ छोड़ देंगे। शिवसेना और टीडीपी भी साथ नहीं देगी। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की भाजपा अकेली पड़ जाएगी और सरकार नहीं बना पाएगी।
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नहीं मिलेगी 230-240 सीटें

कांग्रेस के सूत्र अपने अध्यक्ष के आधारभूत गणित के बारे में बताते हुए कहते हैं कि मोदी सरकार को 2019 में 230-240 सीटें नहीं मिलने वाली हैं। इसकी बड़ी वजह उ.प्र., बिहार, महाराष्ट्र में होने वाला गठबंधन है। 
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इन राज्यों में ठीक से गठबंधन हो गया तो भाजपा ताकती रह जाएगी। राहुल गांधी के करीबियों का सोचना है कि उ.प्र. और बिहार में गठबंधन होने के बाद भाजपा को करीब 120 सीटों का नुकसान होगा। 

अकेले उ.प्र. में 2019 में केवल पांच-सात सीट ही मिल सकेगी। गठबंधन के बारे में कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि सहमति बन गई है। सभी सहयोगी मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए साथ आने को मुख्य मानकर रणनीतिक चर्चा कर रहे हैं। सपा-बसपा के साथ करीब-करीब काफी कुछ अंतिम रूप ले चुका है।

युवाओं और लोगों में है गुस्सा

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कांग्रेस पार्टी का दूसरा आधार लोगों में गुस्सा है। कांग्रेस अध्यक्ष के करीबियों का कहना है कि आप चाहे जहां जाएं युवाओं के पास रोजगार नहीं है। छोटे-छोटे दुकानदार, गरीब, मजदूर, किसान, मध्यवर्ग सब परेशान हैं। उच्चतम न्यायालय के चार जजों ने आकर अपनी बात रखी। विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि आरएसएस, भाजपा मिलकर संवैधानिक संस्थानों समेत अन्य पर कब्जा कर रही हैं। 

मीडिया संस्थानों को भी दबाव नकेल, प्रताड़ना में काम करना पड़ रहा है। कांग्रेस के रणनीतिकारों का कहना है कि मोदी सरकार को लेकर पूरे देश से प्रतिक्रिया आ रही है। लोगों में भरपूर नाराजगी है। 

देश की मीडिया दबाव में इसे सामने नहीं ला पा रही है। इसे राहुल गांधी की टीम अगले तीन-चार महीने में लोगों के सामने लाएगी। इसका कांग्रेस को भरपूर लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि कांग्रेस केवल लोगों के ही गुस्से पर नहीं निर्भर रहना चाहती बल्कि पार्टी 2019 से पहले जनता के सामने किसानों, गरीब, मजदूर, युवा, देश की नीति, विदेश नीति पर अपना दृष्टिकोण सामने रखेगी। 2019 के लोकसभा चुनाव में उसे इसका भी उसे लाभ मिलेगा।

क्या राहुल गांधी बनेंगे प्रधानमंत्री?

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी इस सवाल पर कहते हैं कि वह 2019 की भविष्यवाणी 2018 में नहीं कर सकते। उन्हें उम्मीद है कि आम चुनाव में कांग्रेस बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन यह नहीं बता सकते कि कितनी सीट आएगी।

इसलिए समान विचारधारा और सोच के लोगों के साथ मिलकर पहला लक्ष्य भाजपा को केन्द्र की सत्ता से हटाना, मोदी सरकार को हराना है। इस लक्ष्य के हासिल हो जाने के बाद चुनाव बाद की परिस्थिति के आधार पर आगे की स्थिति तय की जाएगी।

ममता बनर्जी या मायावती को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष की टीम का कहना है कि प्रधानमंत्री पद को लेकर कांग्रेस पार्टी के पास कोई जिद नहीं है। लेकिन इसका फैसला 2019 का नतीजा आने के बाद होगा।

किस राज्य में किससे गठबंधन?

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सूत्र बताते हैं कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष अपनी प्रदेश ईकाई की राय को प्राथमिकता देंगे। पहले उनकी सुनेंगे। हम उन्हें दरकिनार नहीं कर सकते हैं। वह कांग्रेस के लोग हैं और पार्टी को ऊपर उठाने के लिए काम करते हैं। इसलिए जिस राज्य में कांग्रेस की ईकाई राजनीतिक दल से गठबंधन पर जो राय देगी, उसे कांग्रेस पार्टी महत्व देगी।

कैसे हरा पाएगी मोदी को कांग्रेस?

कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का जवाब है कि जैसे 2004 में हराया था। 2004 में अटल-आडवाणी की टीम के बारे में भी लोग ऐसे ही कहते थे। इंडिया साइनिंग का दौर था, लेकिन 2004 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई।

गुजरात चुनाव 2017 में सबका कहना था कांग्रेस 20-30 सीटें ही पाएगी, लेकिन आरएसएस,भाजपा, मोदी शाह के गढ़ में वह हारती-हारती बची है। इसी तरह से 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस को मिले हैं। यह बात अलग है कि सीटों की संख्या में वह आगे हैं। लेकिन सरकार कांग्रेस और जद(एस गठबंधन) की है। 

हवा ने बदल लिया है रुख

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कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इसे कांग्रेस अध्यक्ष भी मानते हैं। उनका कहना है कि जिधर की हवा रहती है, उसका सबकुछ अपने आप बनता चला जाता है। जब हवा रुख बदल लेती है, तो सब बेअसर हो जाता है। अब मोदी सरकार की हवा बेरुखी बह रही है। चाहे राजस्थान, म.प्र., छत्तीसगढ़ हो या महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली, बिहार, उ.प्र., हरियाणा हर तरह जनता की नाराजगी बढ़ रही है। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि मोदी सरकार को इस हवा के रुख का अंदाजा है। उसकी घबराहट, परेशानी सब बढ़ रही है।

तीन राज्यों में हार रही है भाजपा

भाजपा तीन राज्यों में हार रही है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को तीन राज्यों से जो रिपोर्ट मिल रही है, उससे वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं। सूत्र बताते हैं कि तीनों राज्यों में कुछ महीने बाद होने वाले चुनाव में कांग्रेस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है। 

तीनों राज्यों में भाजपा सत्ता से बाहर होगी और वहां कांग्रेस सरकार बनाएगी। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि चाहे गुजरात हो कर्नाटक भाजपा ने सांप्रदायिक रंग, वोटों के ध्रुवीकरण में कोई कसर नहीं छोड़ा। वह 2019 के आम चुनाव के लिए भी इसकी पूरी कोशिश करेगी, लेकिन कांग्रेस इसे कामयाब नहीं होने देगी।
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