मोदी मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल हुए ये चेहरे, जानिए इनके बारे में सबकुछ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 57 मंत्रियों के साथ गुरुवार को शपथ ली। आज सभी मंत्रियों को उनके विभाग बांट दिए गए हैं। इस बार मंत्रिमंडल में कई पुराने चेहरे नजर नहीं आएंगे। वहीं कई नए चेहरों को पहली बार सरकार में मौका मिला है। जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हैं। आज हम आपको बताते हैं उन लोगों के नाम जो पहली बार मंत्री बने हैं।
अमित शाह- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को मोदी सरकार में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रचंड जीत के बाद से ही उनके मंत्री बनने की चर्चाएं जोरों पर थीं। पार्टी के एक कार्यकर्ता से मंत्री तक का सफर तय करने वाले शाह गांधीनगर से सांसद चुने गए हैं। इससे पहले यहां से पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी चुनाव लड़ा करते थे।
एस जयशंकर- पूर्व विदेश सचिव को मोदी सरकार में विदेश मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। उनका कैबिनेट मंत्री बनना सभी के लिए हैरानी वाला था। वह अमेरिका और चीन में भारत के राजनयिक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। साल 2019 में राष्ट्रपति ने उन्हें चौथे नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्होंने भारत-अमेरिकी परमाणु सौदे में अहम भूमिका निभाई थी।
अर्जुन मुंडा- झारखंड में भाजपा के आदिवासी चेहरे मुंडा तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। 36 साल की उम्र में 2003 मे वह पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे। 2006-06 के बीच वह दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री बने और तीसरी बार उनका कार्यकाल 11 सितंबर 2010 से 8 जनवरी 2013 तक रहा। वह 2009 में जमशेदपुर लोकसभा से सांसद चुने गए थे लेकिन मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें आदिवासी मामलों का मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है।
अनुराग ठाकुर- हिमाचल प्रदेश की रैली में अमित शाह ने अनुराग ठाकुर को बड़ा नेता बनाने का वादा किया था। शर्त यह थी कि हमीरपुर के लोग उन्हें रिकॉर्ड वोटों से जिताएंगे। वादा निभाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग को वित्त राज्य मंत्री और कंपनी मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया है। 44 साल के ठाकुर मई 2016 से फरवरी 2017 तक बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रह चुके हैं।
कैलाश चौधरी- चौधरी बाड़मेर लोकसभा से भाजपा सांसद हैं। अपने पहले चुनाव में ही उन्होंने कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह को हराया है। मानवेंद्र भाजपा नेता जसवंत सिंह के बेटे हैं। वह 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में हार गए थे। उन्हें कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है।
रतन लाल कटारिया- अंबाला से सांसद रतन लाल ने कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को हराया है। उन्हें जल शक्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है।
देबश्री चौधरी- चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस के कननिया लाल अग्रवाल को 60,000 वोटों से रायगंज लोकसभा सीट से हराया है। वह इससे पहले पश्चिम बंगाल में महासचिव के पद पर रह चुकी हैं। उन्हें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है।
जी किशन रेड्डी- तीन बार विधायक रहे जी किशन रेड्डी ने टीआरएस नेता टी साईं किरण को सिकंदराबाद से हराया है। रेड्डी तेलंगाना में भाजपा ईकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें गृह राज्य मंत्री का कार्यभार सौंपा गया है।
अरविंद सावंत- सावंत शिवसेना से सरकार में शामिल होने वाले अकेले सांसद हैं। उन्हें दक्षिण महाराष्ट्र में पार्टी के संगठन निर्माण का श्रेय दिया जाता है। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण मुंबई से कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा को हराया है। उन्हें भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रह्लाद जोशी- कर्नाटक की धारवाड़ सीट से चार बार विधायक रहे प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के विनय कुलकर्णी को हराया है। वह कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष का कार्यभार संभाल चुके हैं। उन्हें संसदीय कार्य, कोयला तथा खदान मामलों का मंत्रालय दिया गया है।
रमेश पोखरियाल- 2009-1010 के बीच रमेश पोखरियाल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह पहली बार हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। उन्हें शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
सुरेश अंगड़ी- बेलगावी से लोकसभा सांसद सुरेश को पहली बार कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वह इसी लोकसभा सीट से 2004 और 2009 में जीत हासिल कर चुके हैं। उन्हें रेल मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है।
रामेश्वर तेली- तेली ने असम के डिब्रूगढ़ सीट से जीत हासिल की है। वह 2001 से 2011 के बीच असम में विधायक चुने गए थे। उन्होंने डिब्रूगढ़ से पांच बार के कांग्रेस सांसद और पूर्व केंदीय मंत्री पबन सिंह घाटोवार को दूसरी बार हराया है। उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया है।
प्रताप चंद्र सारंगी- प्रताप सारंगी ने इस बार के लोकसभा चुनाव में ओडिशा के बालासोर से जीत हासिल की है। जनता उन्हें 'ओडिशा का मोदी' कहती है। सांरगी ने शादी नहीं की है। पिछले साल उनकी मां का देहांत हुआ था। इनके पास ज्यादा संपति नहीं है। सारंगी छोटे से घर में रहते हैं। उन्हें एमएसएमई, पशु संवर्धन डेयरी एवं मत्स्य मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है।
इन नेताओं के अलावा प्रह्लाद सिंह पटेल, संजय शामराओ धोत्रे, नित्यानंद राय, वी मुरलीधरन, रेणुका सिंह सरुता और सोम प्रकाश को भी पहली बार मंत्री बनाया गया है।