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हंगामे के बीच चुपचाप बैठे रहे पीएम मोदी, विपक्ष लगाते रहा नारे
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Wed, 23 Nov 2016 10:36 PM IST
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- फोटो : Getty images
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बुधवार को लोकसभा में नोट बंदी पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के दूर होने की थोड़ी संभावना तब नजर आई जब प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में दिखे। हालांकि कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग को ले कर वेल में पहुंच कर नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान पीएम मोदी चुपचाप हंगामे को देखते सुनते रहे और करीब 10 मिनट तक सदन में रहने के बाद बाहर निकल गए। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही सूचना प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू की विपक्ष से तीखी नोकझोंक हुई। नायडू ने कहा कि विपक्ष ने हंगामा करने को अपनी आदत बना लिया है। जवाब में विपक्ष ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री कार्यवाही शुरू होने से कुछ पल पहले ही सदन में पहुंचे। इसी बीच संसद भवन परिसर में नोट बंदी के फैसले के खिलाफ एकजुट प्रदर्शन करने वाले विपक्षी सदस्यों ने कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष के कई नेताओं ने तत्काल प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। मगर प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे रहे और हंगामे का नजारा लेते रहे।
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इसी बीच संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। सरकार खुद इस फैसले के सभी पहलुओं पर चर्चा करना चाहती है। जबकि विपक्ष ऐसा नहीं चाहता। इस पर कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खडग़े ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार क्यों नहीं कर रही?
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इस दौरान पीएम मोदी चुपचाप हंगामे को देखते सुनते रहे और करीब 10 मिनट तक सदन में रहने के बाद बाहर निकल गए। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही सूचना प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू की विपक्ष से तीखी नोकझोंक हुई। नायडू ने कहा कि विपक्ष ने हंगामा करने को अपनी आदत बना लिया है। जवाब में विपक्ष ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
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प्रधानमंत्री कार्यवाही शुरू होने से कुछ पल पहले ही सदन में पहुंचे। इसी बीच संसद भवन परिसर में नोट बंदी के फैसले के खिलाफ एकजुट प्रदर्शन करने वाले विपक्षी सदस्यों ने कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष के कई नेताओं ने तत्काल प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। मगर प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे रहे और हंगामे का नजारा लेते रहे।
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इसी बीच संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। सरकार खुद इस फैसले के सभी पहलुओं पर चर्चा करना चाहती है। जबकि विपक्ष ऐसा नहीं चाहता। इस पर कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खडग़े ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार क्यों नहीं कर रही?
राज्यसभा में उपसभापति ने फिर खोया आपा, नकवी को दी चेतावनी
मुख्तार अब्बास नकवी
नोटबंदी के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामे को लेकर बुधवार को उपसभापति पीजे कुरियन का एक बार फिर पारा चढ़ गया। कुरियन ने सत्तापक्ष के सदस्यों पर जमकर गुस्सा उतारा और संसदीय राज्य मंत्री मुख्तार नकवी पर नाराज होकर उनके खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने नकवी को कहा, 'बैठ जाइए, वरना मैं आपके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। आप मंत्री हैं, इस बात से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
दरअसल, बुधवार को नोटबंदी के मुद्दे पर राज्यसभा में चल रही बहस के दौरान कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान सत्तापक्ष के सांसदों ने उन्हें रोकने और बीच में दखल देने की कोशिश की। इस पर कुरियन भड़क गए। उन्होंने कहा, 'आप मेरा काम नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपमें से एक को यहां आना होगा और मेरी जगह पर बैठना होगा।'
उन्होंने सत्तापक्ष के सांसदों को कहा, 'मैं इस बात की इजाजत नहीं देता। मैंने उन्हें (आनंद शर्मा) को पॉइंट ऑफ ऑर्डर देकर बोलने का मौका दिया था। अगर आप उन्हें बोलने नहीं देते तो, मैं इसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। आपको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। मैं पहली बार देख रहा हूं कि ट्रेजरी बेंच खुदकर आकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रही है। मैं बहुत दुखी हूं।'
उपसभापति की इस कठोर टिप्पणी पर नकवी ने कहा, 'चेयर की तरफ से इस तरह की टिप्पणी...मैं माफी चाहता हूं। हम लोग बहस करना चाहते हैं, परेशानी नहीं खड़ी करना चाहते। हमारे सांसद चाहते हैं कि चर्चा हो और पूरे तथ्यों के साथ हो।' नकवी को चुप कराते हुए उपसभापति ने कहा, 'चाहे कैसी भी स्थिति हो, हमेशा पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत सवाल पूछने का मौका दिया जाता है और उसका जवाब देना होता है। मैं वही कर रहा हूं।' उपसभापति के यह कहने पर नकवी अपनी जगह पर खड़े हुए और उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा, 'किस नियम के तहत? इसके बाद उपसभापति ने नाराज होकर नकवी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।'
दरअसल, बुधवार को नोटबंदी के मुद्दे पर राज्यसभा में चल रही बहस के दौरान कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान सत्तापक्ष के सांसदों ने उन्हें रोकने और बीच में दखल देने की कोशिश की। इस पर कुरियन भड़क गए। उन्होंने कहा, 'आप मेरा काम नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपमें से एक को यहां आना होगा और मेरी जगह पर बैठना होगा।'
उन्होंने सत्तापक्ष के सांसदों को कहा, 'मैं इस बात की इजाजत नहीं देता। मैंने उन्हें (आनंद शर्मा) को पॉइंट ऑफ ऑर्डर देकर बोलने का मौका दिया था। अगर आप उन्हें बोलने नहीं देते तो, मैं इसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। आपको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। मैं पहली बार देख रहा हूं कि ट्रेजरी बेंच खुदकर आकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रही है। मैं बहुत दुखी हूं।'
उपसभापति की इस कठोर टिप्पणी पर नकवी ने कहा, 'चेयर की तरफ से इस तरह की टिप्पणी...मैं माफी चाहता हूं। हम लोग बहस करना चाहते हैं, परेशानी नहीं खड़ी करना चाहते। हमारे सांसद चाहते हैं कि चर्चा हो और पूरे तथ्यों के साथ हो।' नकवी को चुप कराते हुए उपसभापति ने कहा, 'चाहे कैसी भी स्थिति हो, हमेशा पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत सवाल पूछने का मौका दिया जाता है और उसका जवाब देना होता है। मैं वही कर रहा हूं।' उपसभापति के यह कहने पर नकवी अपनी जगह पर खड़े हुए और उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा, 'किस नियम के तहत? इसके बाद उपसभापति ने नाराज होकर नकवी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।'