सैलरी बढ़ाने की सांसदों की मांग से मोदी नाराज, कही 'मन की बात'
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एक संसदीय समिति के द्वारा सांसदों के वेतन में 100 फीसदी की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर पीएम मोदी ने नाराजगी जताई है। पीएम मोदी ने ये नाराजगी इस बात पर जताई है कि सांसद खुद अपनी सैलरी बढ़ाने को कह रहे हैं। हालांकि, पीएम मोदी ने यह माना है कि सासंदों की सैलरी बढ़नी चाहिए।
पीएम मोदी ने सांसदों की सैलरी बढ़ाने के लिए एक खास सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों की सैलरी को प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट और कैबिनेट सेक्रेटरी जैसे पदों पर होने वाली वेतन वृद्धि से लिंक कर देना चाहिए।
संसदीय कमेटी ने सांसदों की सैलरी और भत्तों में 100 फीसदी का इजाफा करने का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव दिए जाने के पीछे सासंदों के अच्छे व्यवहार को वजह बताया गया। इस प्रस्ताव को वित्त मंत्री अरुण जेटली की तरफ से मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इस प्रस्ताव को पीएमओ की हरी झंडी मिलनी बाकी है।
2.8 लाख रुपए प्रतिमाह हो सकती है सैलरी
संसदीय कमेटी ने प्रस्ताव रखा था कि सांसदों की सैलरी को 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए प्रति माह किया जाए। साथ ही संसदीय क्षेत्र के भत्ते को भी 45 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 90 हजार रुपए प्रतिमाह करने का प्रस्ताव दिया गया।
संसद के अगले सत्र में सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव पर मंजूरी के लिए बिल भेजा जाएगा। अगर इस बिल को मंजूरी मिल जाती है तो सांसदों को मिलने वाला कुल वेतन 1.4 लाख रुपए से 2.8 लाख रुपए प्रतिमाह तक हो जाएगा।
भाजपा के योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इस कमेटी ने पेंशन में भी 75 फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा है। सांसदों की सैलरी में इससे पहले 6 साल पहले बढ़ोत्तरी हुई थी।