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मिजोरम चुनावः विधानसभा अध्यक्ष ने ठुकराया कांग्रेस का टिकट
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 01 Nov 2018 07:42 PM IST
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मिजोरम के विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हाइपेई ने अबकी बार पार्टी का टिकट ठुकरा कर कांग्रेस नेतृत्व के लिए भारी समस्या पैदा कर दी है। पार्टी पहले से ही यहां नेताओं के पलायन से जूझ रही है। अब हाइफेई ने प्रदेश नेतृत्व को बिना बताए गुवाहाटी जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और मिजोरम मामलों के प्रभारी हिमंत विश्व शर्मा से मिलाकात की है। माना जा रहा है कि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
वैसे, प्रदेश कांग्रेस के कई नेता हाइफेई की उम्मीदवारी से नाखुश थे। यह लोग उनकी जगह पूर्व आईएएस अधिकारी के.रियाछो को मैदान में उतारना चाहते हैं। कांग्रेस के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि आलाकमान का फैसला कोई पत्थर की लकीर नहीं है। जमीनी हकीकत को देखते हुए उसे बदला जा सकता है।
हाइफेई के एक करीबी नेता ने बताया कि अब 81 साल की उम्र में हाइफेई अपने मारा जनजाति की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने मारा स्वायत्त जिला परिषद को और स्वायत्तता देने की मांग उठाई है। हाइफेई खुद इसी तबके से हैं।
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सूत्रों ने बताया कि हाल के महीनों में मुख्यमंत्री ललथनहवला और विधानसभा अध्यक्ष हाइफेई के बीच दूरियां लगातार बढ़ी हैं। कांग्रेस के तमाम विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने में हाइफेई ने काफी तेजी दिखाई है। उन्होंने ऐसा करने से पहले इस बारे में ललथनहवला को औपचारिक सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा।
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वैसे, प्रदेश कांग्रेस के कई नेता हाइफेई की उम्मीदवारी से नाखुश थे। यह लोग उनकी जगह पूर्व आईएएस अधिकारी के.रियाछो को मैदान में उतारना चाहते हैं। कांग्रेस के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि आलाकमान का फैसला कोई पत्थर की लकीर नहीं है। जमीनी हकीकत को देखते हुए उसे बदला जा सकता है।
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हाइफेई के एक करीबी नेता ने बताया कि अब 81 साल की उम्र में हाइफेई अपने मारा जनजाति की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने मारा स्वायत्त जिला परिषद को और स्वायत्तता देने की मांग उठाई है। हाइफेई खुद इसी तबके से हैं।
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सूत्रों ने बताया कि हाल के महीनों में मुख्यमंत्री ललथनहवला और विधानसभा अध्यक्ष हाइफेई के बीच दूरियां लगातार बढ़ी हैं। कांग्रेस के तमाम विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने में हाइफेई ने काफी तेजी दिखाई है। उन्होंने ऐसा करने से पहले इस बारे में ललथनहवला को औपचारिक सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा।