MeToo: आरोपों की जांच के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बनाएगी समिति
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हॉलीवुड से शुरू हुआ मी टू अभियान अब भारत में काफी जोर-शोर से फैल रहा है। इसके जरिए महिलाएं अपने साथ हुई उत्पीड़न की घटनाओं को सोशल मीडिया के जरिए साझा कर रही हैं। अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपों की जांच के लिए कानून से जुड़े लोगों की समिति बनाने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की 4 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
वहीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा है कि मी टू मामलों की जन सुनवाई के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, "वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति मी टू अभियान के तहत सामने आए सभी मामलों की जांच करेगी। मैं उन सभी मामलों में विश्वास करती हूं और इन शिकायतों के पीछे की पीड़ा और सदमे को समझ सकती हूं।" हांलाकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि इस समिति में कौन-कौन से सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल किया जाएगा।
The Ministry will be setting up a committee of senior judicial & legal persons as members to examine all issues emanating from the #MeTooIndia movement: Ministry of Women & Child Development pic.twitter.com/5uBF0LVukc
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 12, 2018
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने #MeToo के तहत नाना पाटेकर के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाकर इस अभियान की शुरूआत की थी। अब तक कई नामी हस्तियों का नाम इसके आरोपों की चपेट में आ चुका है। बता दें कि तनुश्री दत्ता ने गुरुवार को अभिनेता नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, फिल्म डायरेक्टर राकेश सारंग और प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था। तनुश्री का आरोप है कि 2008 में जब वे ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग कर रही थीं, तब नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ।
मुंबई पुलिस के अनुसार, पाटेकर और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (शील भंग करने के इरादे से महिला पर हमला) और धारा 509 (महिला का अपमान करने के मकसद से शब्द बोलना या इशारे करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बता दें कि मी टू अभियान के तहत ही केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर भी अब तक 9 महिलाएं आरोप लगा चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी उन पर मंत्री पद से इस्तीफा देने दबाव बना रही है। हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया है।
#WATCH: Minister for Women & Child Development Maneka Gandhi explains about the committee which will be set up to examine all issues emanating from the #MeTooIndia movement. pic.twitter.com/Uo9qEl1wIb
— ANI (@ANI) October 12, 2018