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प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में मेट्रो चलेगी या नहीं, आज होगा फैसला

Fri, 07 Oct 2016 03:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 07 Oct 2016 03:45 AM IST
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metro train will run or not in PM constituency
- फोटो : PMO India

काशी में बहुप्रतीक्षित मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के लिए शुक्रवार का दिन निर्णायक होगा। मेट्रोमैन श्रीधरन यहां प्रस्तावित मेट्रो रेल रूट का स्थलीय निरीक्षण कर उसके तकनीकी पक्षों को देखेंगे-समझेंगे और उस आधार पर ही काशी में मेट्रो का भविष्य निर्धारित होगा। इस सिलसिले में मेट्रोमैन श्रीधरन गुरुवार को ही यहां पहुंच गए हैं। 

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उनके साथ डीपीआर बनाने वाली संस्था राइट्स के सीजीएम पीयूष कंसल, प्रदेश सरकार के मुख्य नगर नियोजक रवि जैन और लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी केशव कुमार भी आए हैं। माना जा रहा है कि इस बार डीपीआर के आधार पर तकनीकी पक्षों के अध्ययन के बाद परियोजना पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
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हालांकि शहर की घनी आबादी और अत्यधिक ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना को मूर्तरूप देना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। नदेसर स्थित एक होटल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मेट्रोमैन श्रीधरन ने भी माना कि शहर में मेट्रो चलाना बड़ी चुनौती है। कहा कि शुक्रवार को प्रस्तावित मेट्रो रूटों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद तकनीकी दिक्कतों का अध्ययन कर कोई रास्ता निकाला जाएगा। 

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मेट्रो संचालन में आर्थिक अड़चन भी दूर

metro train will run or not in PM constituency

धर्म और अध्यात्म नगरी काशी में मेट्रो चले, इसके लिए जो हो सकेगा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर मेट्रो कॉरिडोर के प्रस्तावित रूटों के तकनीकी पक्षों को देखने-समझने के बाद ही यह तय होगा कि कब और कहां से काम शुरू कराया जाए। उधर, वीडीए के अधिकारी आश्वस्त हैं कि इस बार मेट्रो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। जो कुछ तकनीकी कमियां हैं, उनका समाधान ढूंढ लिया जाएगा। इस बीच, मेट्रोमैन श्रीधरन ने शाम को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और गंगा आरती देखी।

मेट्रो रेल कॉरिडोर के रखरखाव और उसके सुदृढ़ीकरण के लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार ने निर्धारित लागत की मेट्रो संचालन की आठ फीसदी से कम आय पर अड़चन लगा दी थी लेकिन अब उसे भी दूर कर लिया गया है। वीडीए सचिव ने बताया कि इसका समाधान कर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया गया है। इस मेट्रो परियोजना पर कुल 17000 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होनी है। बेनियाबाग में टर्मिनल और हरहुआ के गणेशपुर में 14 हेक्टेयर में मेट्रो का वर्कशाप बनेगा।

एक नजर में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर
पहला कॉरिडोर -
बीएचयू से भेल तक :  बीएचयू, तुलसी मानस मंदिर, रत्नाकर पार्क, बंगाली टोला, काशी विश्वनाथ (चितरंजन पार्क), बेनियाबाग, रथयात्रा, काशी विद्यापीठ, कैंट, नदेसर, कलेक्ट्रेट, भोजूबीर, गिलट बाजार, संगम कालोनी, शिवपुर, तरना और भेल।
कुल लंबाई-19.3 किमी, स्टेशनों की संख्या-17
भूमिगत रूट की लंबाई-15.5 किमी
उपरिगामी रूट की लंबाई-3.6 किमी

दूसरा कॉरिडोर- बेनियाबाग से सारनाथ : बेनियाबाग से कोतवाली, मछोदरी पार्क, काशी बस डिपो, जलालीपुरा, पंचक्रोशी चौराहा, आशापुर, हवेलिया और सारनाथ स्टेशन।
कुल लंबाई-9.9 किमी, स्टेशनों की संख्या-9
भूमिगत रूट की लंबाई- 7.9 किमी

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