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मेघालय के खदानों में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए हरक्यूलिस बना 'हनुमान', 15वें दिन भरी उड़ान
Fri, 28 Dec 2018 11:55 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Fri, 28 Dec 2018 11:55 AM IST
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Super Hercules
- फोटो : ani
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मेघालय की एक खदान में पिछले 15 दिनों से फंसे मजदूरों को बचाने की कवायद जारी है। एनडीआरएफ ने उच्च शक्ति वाले पंप की मांग की है क्योंकि राहत कार्य के लिए 25 हॉर्स पावर के पंप पर्याप्त साबित नहीं हो पा रहे हैं। पास की नदी से खदान से पानी भर रहा है, जिससे दुर्गंध की स्थिति है। एनडीआरएफ को इसलिए भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
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बचाव कार्य अपने तीसरे हफ्ते में है और अब भारतीय वायु सेना ने राहत कार्य में सुपर हरक्यूलिस को उतार दिया है। भारी सामानों को ले जाने में सक्षम इस विमान ने ओडिशा से असम के लिए उड़ान भरी है।
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सुपर हरक्यूलिस विमान ओडिशा फायर सर्विस के भारी उपकरणों को अपने साथ ले जा रहा है। गुवाहाटी एयरपोर्ट से पूर्वी जयंतिया हिल्स तक इन उपकरणों को कैसे ले जाया जाएगा यह भी एक चुनौती है। माना जा रहा है कि उपकरणों को हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट करके या सड़क मार्ग से 230 किमी दूर ले जाय जाएगा।
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Odisha Fire Services team also left for #Meghalaya in a special aircraft to assist local authorities in the rescue of trapped coal miners pic.twitter.com/yo5Sr9e7ef
— ANI (@ANI) December 28, 2018
तीन हफ्ते बाद एनडीआरएफ के निवेदन पर वायु सेना ने इस बचाव मिशन में हिस्सा लेने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिलाधिकारी को सरकार से शक्तिशाली उपकरणों की मांग करने में एक हफ्ते का समय लग गया। कोल इंडिया भी इस बचाव कार्य में एक हफ्ते बाद शामिल हुआ।
कोल इंडिया पश्चिम बंगाल के आसनसोल और झारखंड के धनबाद से उच्च क्षमता वाले वाले पंप भेज रहा है। यह पंप कोल इंडिया के असम स्थित खदानों में भी नहीं है। इन्हें सड़क मार्ग से पहुंचाया जा रहा है।
पंप उत्पादन करने वाली दिग्गज कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मदद की पेशकश की है। कंपनी ने खदान से पानी निकालने में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है। जुलाई में थाईलैंड में 12 बच्चों को खदान से निकालने के अभियान में भी कंपनी ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
एनडीआरएफ के गोताखोर पानी के स्तर का 70 फिट से 40 फिट होने का इंतजार कर रहे हैं। कमांडेंट एस.के. शास्त्री ने कहा कि हमारे गोताखोर ऐसी स्थिति में काम करने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं इसलिए हम पानी का स्तर गिरने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा ने विपक्ष के मामले को गंभीरता ने नहीं लेने को आरोपों को नकारते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
राहुल गांधी ने मुद्दे पर प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट करते हुए हमला बोला था। बता दें कि साल 2014 में मेघालय में लोगों की आपत्ति के बाद खनन बंद कर दिया गया था। मगर गैर कानूनी तरीके से 'रैट होल' माइन का इस्तेमाल करके खनन जारी रहा।
एनडीआरएफ के गोताखोर पानी के स्तर का 70 फिट से 40 फिट होने का इंतजार कर रहे हैं। कमांडेंट एस.के. शास्त्री ने कहा कि हमारे गोताखोर ऐसी स्थिति में काम करने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं इसलिए हम पानी का स्तर गिरने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा ने विपक्ष के मामले को गंभीरता ने नहीं लेने को आरोपों को नकारते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
राहुल गांधी ने मुद्दे पर प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट करते हुए हमला बोला था। बता दें कि साल 2014 में मेघालय में लोगों की आपत्ति के बाद खनन बंद कर दिया गया था। मगर गैर कानूनी तरीके से 'रैट होल' माइन का इस्तेमाल करके खनन जारी रहा।