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बंगाल में वामदलों की बैठक आज, कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने पर हो सकता है अंतिम फैसला
Fri, 08 Mar 2019 02:18 AM IST
अनिल पांडेय
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: अनिल पांडेय
Updated Fri, 08 Mar 2019 02:18 AM IST
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देश के सभी वामपंथी दल कल शुक्रवार को कोलकाता में एक संयुक्त बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में पश्चिम बंगाल, ओडीशा, छत्तीसगढ़, केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों में वामपंथी दलों के बीच आपस में और अन्य दलों के साथ गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इस बैठक में कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और एलडीएफ सहित अन्य सभी वाम दल भाग ले रहे हैं।
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एक वामपंथी नेता के मुताबिक पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के वामदलों के साथ चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। नेता के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल में वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सकारात्मक रुख अपनाया है। हालांकि, इसके पूर्व कहा जा रहा था कि कांग्रेस की बंगाल इकाई राज्य में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गठबंधन के पक्ष में नहीं है।
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देश में अगली सरकार के बनने में भूमिका को लेकर पश्चिम बंगाल को बहुत महत्त्वपूर्ण नजर से देखा जा रहा है। उत्तर भारत में पार्टी के संभावित नुकसान को देखते हुए भाजपा भी इस बार यहां पूरा दमखम लगा रही है। पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा कर रही है। वहीं, विपक्षी खेमे में ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को अपना गढ़ बता रही हैं और विपक्षी दलों के साथ ज्यादा सीटें साझा करने को लेकर बहुत सकारात्मक नहीं बताई जा रही हैं।
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पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने यहां पर बड़ी सफलता हासिल की थी। उसने कुल 42 सीटों में से 34 पर जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस छः सीटों से घटकर चार पर आ गई थी। वाम दलों को यहां से महज दो सीटों पर सफलता मिली थी जो इसके पिछले चुनाव से 13 कम था।
वामदलों के लिए सबसे बड़ी चिंता की वजह उसके वोट फीसद में लगभग तेरह फीसदी की कमी आना था जो माना गया कि वह ममता बनर्जी के खाते में जुड़ गया जो पिछले चुनाव की सबसे ज्यादा लाभ पाने वाली पार्टी थी। भाजपा यहां पर दो सीटों पर जीत दर्ज कराने में कामयाब रही थी।