अमेरिका में भारतीयों पर हमले की छिटपुट घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया: RSS
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संघ के विदेश मामलों की देखरेख करने वाले सदानांद सप्रे ने मीडिया पर अमेरिका में भारतीयों पर हमले की छिटपुट घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को सामान्य नहीं कहा जाना चाहिए।
आरएसएस विश्व विभाग के कोऑर्डिनेटर सप्रे ने सोमवार को कहा कि मीडिया कई बार घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है, यह सच है कि वहां कुछ घटनाएं हुई हैं। बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना मीडिया स्वभाव बन गया है। हाल ही में अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमलों के बारे में जब सप्रे से पूछा गया तो उन्होंने कहा,'इस तरह की घटनाओं का सामान्यीकरण न करें।'
1960 में युगांडा में भारतीयों पर हमले की घटनाओं का जिक्र करते हुए सप्रे ने कहा कि ईदी अमीन के शासनकाल के में वहां हर भारतीय पर हमला होता था और उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाता था। सप्रे ने कहा,'क्या ऐसा अमेरिका में हो रहा है? क्या ऑस्ट्रेलिया में हो रहा है? नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि हर चीज को एक ही तरह से नहीं देखा जाना चाहिए। वहां कई अमेरिकी है जो भारतीयों की रक्षा करते हैं।
ट्रंप प्रशासन के आने के बाद से भारतीयों पर हमले की घटनाएं बढ़ीं
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद से अमेरिका में भारतीयों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। कंसास में एक भारतीय इंजीनियर को बार में गोली मारी गई थी। जिसमें इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोटला की मौत हो गई थी। बार में ही कुचीभोटला के साथ मौजूद उनके दोस्त आलोक मदसानी और एक अमेरिकी व्यक्ति गोलीबारी में घायल हो गए थे।
इसके बाद नॉर्थ कैरोलिना में एक भारतीय मूल के बिजनेसमैन हरनीश पटेल को गोली मारी गई। हाल ही में एक सिख दीप राय को भी गोली मारी गई थी। लगातार हो रहे हमलों से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में खौफ का माहौल है।