फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MEA takes tough stand over China statement on jammu kashmir and pakistan

विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर को लेकर चीन की टिप्पणी पर दिया कड़ा जवाब

Wed, 05 Aug 2020 11:15 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 05 Aug 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
MEA takes tough stand over China statement on jammu kashmir and pakistan
भारत चीन - फोटो : iStock
भारत ने जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन को अवैध एवं अमान्य बताने को लेकर बुधवार को चीन की आलोचना करते हुए कहा कि इस विषय पर बीजिंग का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन को अन्य राष्ट्रों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, हमने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणियों पर गौर किया है। चीनी पक्ष का इस विषय पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और उसे अन्य राष्ट्रों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन


बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि जम्मू कश्मीर की स्थिति में कोई भी एकतरफा बदलाव अवैध एवं अमान्य है, जिसके बाद भारत ने यह प्रतिक्रिया दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन का बयान

साथ ही चीन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए उचित तरीके से निबटा और संबंधों को सुधार सकते हैं और दोनों देशों और व्यापक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।


जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख- में विभाजित किये जाने के एक वर्ष पूरा होने पर एक पाकिस्तानी संवाददाता द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व दोनों देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के मूल हितों को पूरा करता है।

उन्होंने कहा, चीन कश्मीर क्षेत्र के हालात पर करीबी नजर रखता है। हमारी रुख सुसंगत और स्पष्ट है। यह पाकिस्तान और भारत के बीच इतिहास का छोड़ा हुआ एक विवाद है। यह यूएन चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और भारत व पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय समझौतों से स्थापित वस्तुगत तथ्य है। 

उन्होंने विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, यथास्थिति में कोई भी एकपक्षीय बदलाव अवैध और अमान्य है। यह मुद्दा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और वार्ता के जरिए उचित रूप से शांतिपूर्ण ढंग से हल होना चाहिए। 


चीन ने पिछले साल भारत के कदम को अस्वीकार्य करार दिया था। प्रवक्ता ने कहा, पाकिस्तान और भारत पड़ोसी देश हैं जिन्हें दूर नहीं किया जा सकता। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व दोनों के मूल हितों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करता है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed