श्रीलंका: सियासी घमासान के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत की है पड़ोसी देश पर नजर
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भारत के पड़ोसी देशों में चल रही सियासी उठापटक विदेशी कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। श्रीलंका में राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना द्वारा महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने और रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से बर्खास्त करने को लेकर राजनीतिक गहमागहमी जारी है। राष्ट्रपति सिरीसेना 16 नवंबर तक के लिए संसद को भंग कर चुके हैं।
पहले चीन औऱ पाकिस्तान तक के बाद मालदीव संकट ने भारत के लिए परेशानियां बढ़ाई। अब श्रीलंका में राजनीतिक अस्थिरता हो गई। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है। मंत्रालय का कहना है कि पड़ोसी देश में लोकतांत्रित मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत श्रीलंका में हुए हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर करीबी से नजर रखे हुए है। एक लोकतंत्र के तौर पर और करीबी पड़ोसी होने के कारण हम उम्मीद करते हैं कि वहां लोकतांत्रित मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। हम श्रीलंका के लोगों के लिए अपना विकासात्मक सहयोग करना जारी रखेंगे।'
राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने संसद भंग करने की स्थिति को स्पष्ट करते हुए दो असाधारण गजट नोटिस भी जारी किए थे। कोलंबो गजट की खबर के अनुसार, इनमें से पहला नोटिस विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री के पद से हटाने के बारे में, जबकि दूसरा राजपक्षे को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने से संबंधित था। विक्रमसिंघे को पद से हटाने के एलान के कुछ ही घंटों बाद ये नोटिस जारी हुये थे।
बता दें कि इन घटनाक्रमों से श्रीलंका में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। हालांकि विक्रमसिंघे ने इस बात पर जोर दिया है कि महिंदा राजपक्षे को उनकी जगह शपथ दिलाना 'अवैध और असंवैधानिक' है। यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के नेता विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को पद से हटाये जाने के बावजूद बतौर प्रधानमंत्री अपना कामकाज निपटाया। उन्होंने दावा किया कि मैं प्रधानमंत्री हूं और महिंदा राजपक्षे की नियुक्ति असंवैधानिक है।'
India is closely following recent political developments in Sri Lanka. As a democracy & a close friendly neighbour, we hope that democratic values & constitutional process will be respected. We'll continue to extend our developmental assistance to friendly people of Sri Lanka:MEA
— ANI (@ANI) October 28, 2018