राजनीति: ट्रंप-जेलेंस्की की बहस पर जयशंकर बोले- फिलहाल दुनिया सामान्य से कहीं अधिक दिलचस्प है
विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह टिप्पणी पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग के बाद यूक्रेन संघर्ष पर नये सिरे से ध्यान केंद्रित किए जाने के बीच आई है।
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात को शानदार बताया और कहा कि उनकी यात्रा भारत-बेल्जियम और भारत-यूरोपीय संघ की मजबूत साझेदारी के लिए अधिक सहयोग को बढ़ावा देगी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बेल्जियम के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट के साथ बैठक के दौरान सोमवार को कहा कि सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग के जरिये भारत और बेल्जियम के बीच 'स्थिर' संबंधों के अधिक समकालीन स्वरूप में विकसित होने की संभावना है।
बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में भारत का दौरा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य कई प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देना है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।
जयशंकर ने बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में कहा, इस समय दुनिया सामान्य से कहीं अधिक दिलचस्प है। उनकी यह टिप्पणी पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग के बाद यूक्रेन संघर्ष पर नये सिरे से ध्यान केंद्रित किए जाने के बीच आई है।
विदेश मंत्री ने भारत-बेल्जियम संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और याद दिलाया कि बेल्जियम स्वतंत्र भारत में दूतावास स्थापित करने वाले पहले यूरोपीय देशों में से एक था। जयशंकर ने कहा, बेशक हमारे बीच ऐतिहासिक संबंध भी हैं। आपकी भूमि पर अभी भी भारतीय सैनिकों के युद्ध स्मारक हैं। हालांकि, व्यापार, उद्योग, शिक्षा, नवाचार, संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में रिश्ते बहुत अच्छे, लेकिन स्थिर हैं, और आज उनमें अधिक समकालीन स्वरूप में विकसित होने की संभावना है।
विदेश मंत्री ने कहा, मुझे विशेष रूप से खुशी है कि हमें राजकुमारी एस्ट्रिड का स्वागत करने का मौका मिला और लगभग 360 व्यवसायों वाले आर्थिक प्रतिनिधिमंडल का आना वास्तव में उत्साहजनक है। मुझे कहना होगा कि इस दौरे से उन्हें भारत में क्या हो रहा है, इसका आकलन करने, ‘मेक इन इंडिया, डिजाइनिंग इन इंडिया, रिसर्चिंग इन इंडिया, इनोवेटिंग इन इंडिया’ का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
भारत-बेल्जियम ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग बढ़ाने पर की बात
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड और रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकेन के साथ एक बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र खासकर हिंद-प्रशांत में रक्षा संबंधों की संभावना पर चर्चा की। दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने इस दौरान रक्षा क्षेत्र में बेल्जियम के निवेश का स्वागत किया। उन्होंने सुझाव दिया कि बेल्जियम की कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर और भारतीय विक्रेताओं को अपनी आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकृत करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दोनों देश ने एक संस्थागत रक्षा सहयोग तंत्र विकसित करने की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई।
राजकुमारी एस्ट्रिड इस समय एक आर्थिक मिशन पर भारत दौरे पर आई है, जिसमें शीर्ष मंत्री और व्यापारिक नेता शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत-बेल्जियम संबंधों में खासी प्रगति हुई है जो पारंपरिक रूप से व्यापार और निवेश पर केंद्रित रहे हैं। भारत बेल्जियम का 14वां सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य और बेल्जियम का 16वां सबसे बड़ा आयातक है।
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