{"_id":"6989e2005ec57cb2230bf1b9","slug":"mea-on-seychelles-president-patrick-herminie-visit-to-india-foreign-secretary-vikram-misri-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"MEA: विदेश सचिव ने कहा- सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देगा भारत, नीली अर्थव्यवस्था में बढ़ेगा सहयोग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
MEA: विदेश सचिव ने कहा- सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देगा भारत, नीली अर्थव्यवस्था में बढ़ेगा सहयोग
Mon, 09 Feb 2026 07:02 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 09 Feb 2026 07:02 PM IST
विज्ञापन
विदेश सचिव विक्रम मिस्री
- फोटो : एक्स/एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भारत दौरे पर हैं। यह राजकीय दौरा 10 फरवरी तक चलेगा। इस बीच, उनके दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव ने कहा, भारत सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देगा। इससे उनके आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें लोक सेवक प्रशिक्षण, डिजिटल बदलाव में सहयोग और मौसम विज्ञान सेवाएं शामिल हैं। यह सहयोग समुद्री निगरानी और नीली अर्थव्यवस्था पर केंद्रित होगा।
विदेश सचिव ने बताया, राष्ट्रपति हर्मिनी और प्रधानमंत्री मोदी ने आज दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बैठक की। प्रधानमंत्री ने हर्मिनी के लिए दोपहर का भोजन भी आयोजित किया। राष्ट्रपति हर्मिनी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) से भेंट करेंगे। इसके बाद उनके लिए राजकीय भोज का आयोजन होगा। कल वह आगरा की यात्रा करेंगे।
ये भी पढ़ें: भारत-सेशेल्स रिश्ते में नया आयाम: कई MOU पर हस्ताक्षर, PM मोदी बोले- जमीन-समुद्र से हवा तक मजबूत हो रहे संबंध
विज्ञापन
मिस्री ने कहा कि सेशेल्स भारत के महासागर दृष्टिकोण का अहम साझेदार है। दोनों देशों का लंबा और मजबूत संबंध है। भारत ने सेशेल्स के विकास में छोटी और बड़ी परियोजनाओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिये योगदान दिया है। समुद्री पड़ोसी होने के नाते दोनों देश समुद्री लूट, मादक पदार्थ तस्करी, हथियार और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं।
राष्ट्रीय हित ऊर्जा नीति का मूल आधार, आयात फैसले बाजार स्थितियों पर आधारित: विदेश सचिव
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत से जुड़ी सभी ऊर्जा संबंधी नीतिगत और व्यावसायिक फैसले आगे भी “राष्ट्रीय हित” को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति के प्रमुख स्तंभ पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य और आपूर्ति की विश्वसनीयता हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सरकार या कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की वास्तविक खरीद तेल कंपनियों द्वारा की जाती है, जो बाजार की परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेती हैं। विदेश सचिव ने कहा कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि दर्जनों देशों से कच्चे तेल का आयात करता है। आयात स्रोतों का मिश्रण समय-समय पर बाजार स्थितियों के अनुसार बदलता रहता है। उनका कहना था कि जितनी अधिक विविधता ऊर्जा स्रोतों में होगी, उतनी ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
विज्ञापन
विदेश सचिव ने बताया, राष्ट्रपति हर्मिनी और प्रधानमंत्री मोदी ने आज दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बैठक की। प्रधानमंत्री ने हर्मिनी के लिए दोपहर का भोजन भी आयोजित किया। राष्ट्रपति हर्मिनी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) से भेंट करेंगे। इसके बाद उनके लिए राजकीय भोज का आयोजन होगा। कल वह आगरा की यात्रा करेंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: भारत-सेशेल्स रिश्ते में नया आयाम: कई MOU पर हस्ताक्षर, PM मोदी बोले- जमीन-समुद्र से हवा तक मजबूत हो रहे संबंध
विज्ञापन
मिस्री ने कहा कि सेशेल्स भारत के महासागर दृष्टिकोण का अहम साझेदार है। दोनों देशों का लंबा और मजबूत संबंध है। भारत ने सेशेल्स के विकास में छोटी और बड़ी परियोजनाओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिये योगदान दिया है। समुद्री पड़ोसी होने के नाते दोनों देश समुद्री लूट, मादक पदार्थ तस्करी, हथियार और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं।
राष्ट्रीय हित ऊर्जा नीति का मूल आधार, आयात फैसले बाजार स्थितियों पर आधारित: विदेश सचिव
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत से जुड़ी सभी ऊर्जा संबंधी नीतिगत और व्यावसायिक फैसले आगे भी “राष्ट्रीय हित” को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति के प्रमुख स्तंभ पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य और आपूर्ति की विश्वसनीयता हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सरकार या कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की वास्तविक खरीद तेल कंपनियों द्वारा की जाती है, जो बाजार की परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेती हैं। विदेश सचिव ने कहा कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि दर्जनों देशों से कच्चे तेल का आयात करता है। आयात स्रोतों का मिश्रण समय-समय पर बाजार स्थितियों के अनुसार बदलता रहता है। उनका कहना था कि जितनी अधिक विविधता ऊर्जा स्रोतों में होगी, उतनी ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन