पाकिस्तान की खिंचाई: भारत ने कहा, झारखंड में नहीं मिला यूरेनियम, झूठ बोल रहा पाक
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जब्त सामग्री को रेडियोधर्मी बताते हुए उसकी जांच की मांग की थी। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के की ओर से भारत पर की गई टिप्पणी तथ्यों को जांचे बगैर भारत की छवि धूमिल करने की उनकी हताशा को दर्शाता है।
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भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान की इस अपुष्ट दावे के लिए खिंचाई की कि हाल में झारखंड के बोकारो में जब्त सामग्री यूरेनियम थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के ऐसे आरोप देश की छवि को धूमिल करने के प्रयास हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि जब्त की गई सामग्री यूरेनियम नहीं थी। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियंत्रित सामग्रियों के लिए भारत में कड़े कानूनी नियामक हैं, जो इसके परमाणु अप्रसार कार्यों से झलकता है।
इस मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत सरकार के नाभिकीय ऊर्जा विभाग ने नमूने की जांच और प्रयोगशाला में विश्लेषण से पाया कि जब्त की गई सामग्री यूरेनियम नहीं है और न ही यह रेडियोधर्मी है।'
Unidentified material seized in Bokaro is not uranium and not radioactive in nature: MEA Spox Arindam Bagchi
— ANI (@ANI) June 10, 2021
'भगोड़ों को वापस लाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं'
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी डोमिनिका के अधिकारियों की हिरासत में है और वहां कुछ कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भगोड़ों को वापस लाने के लिए सभी प्रयास जारी रहेंगे। बागची ने कहा कि पिछले महीने ब्रिटेन-भारत की वार्ता में आर्थिक अपराधियों के विषय पर बात हुई थी और ब्रिटिश पक्ष ने कहा था कि उनके देश में अपराध न्याय प्रणाली की प्रकृति की वजह से कुछ कानूनी अड़चनें हैं, लेकिन वे ऐसे लोगों का जल्द से जल्द प्रत्यर्पण कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
लद्दाख में टकराव के सभी बिंदुओं से हो पूर्ण सैन्य वापसी
भारत ने भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी लद्दाख में टकराव के शेष बिन्दुओं से सैनिकों की पूर्ण वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने का बृहस्पतिवार को एक बार फिर आह्वान किया। बागची ने सैन्य और राजनयिक वार्ता के पिछले चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करने की आवश्यकता पर सहमत हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने बार-बार जोर देकर कहा है कि अन्य क्षेत्रों से सैनिकों की पूर्ण वापसी दोनों पक्षों के बलों के बीच तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करेगी और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को संभव बनाएगी।’