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'चतुर्वेदी' हुए मेरठ के ये मौलाना

Tue, 06 Sep 2016 03:27 PM IST
सोहेल हलीम/ बीबीसी उर्दू संवाददाता, दिल्ली
सोहेल हलीम/ बीबीसी उर्दू संवाददाता, दिल्ली Updated Tue, 06 Sep 2016 03:27 PM IST
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Maulana from Meerut becomes 'Chaturvedi'
मौलाना महफूज उर रहमान शाहीन जमाली

उत्तर प्रदेश के मेरठ में दारुल उलूम देवबंद से पढ़े एक मौलाना, बच्चों को पढ़ाते समय संस्कृत के श्लोकों का भी हवाला दते हैं और कुरान की आयतों का भी। मौलाना महफूज उर रहमान शाहीन जमाली पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'मौलाना चतुर्वेदी' के नाम से मशहूर हैं।

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उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक पुस्तकों या वेदों का भी गहरा अध्ययन किया है। वो कहते हैं, "लोग यह सोचते हैं कि अगर ये मौलाना हैं तो फिर चतुर्वेदी कैसे हैं? मैं उनसे कहता हूं कि मौलाना अगर चतुर्वेदी भी हो जाए, तो उसकी शान घटती नहीं और बढ़ जाती है"।
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हिंदू धर्म में चारों वेदों का अध्ययन करने वालों को चतुर्वेदी कहा जाता है। देवबंद से पढ़ाई पूरी करने के बाद मौलाना शाहीन जमाली को संस्कृत सीखने की इच्छा हुई। उसके बाद वेदों और हिन्दुओं के बाकी धार्मिक पुस्तकों में उनकी रूचि बढ़ती चली गई। वो कहते हैं, "वेद पढ़ने के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा जीवन एक खाने में सिमट कर नहीं रह गया है, बल्कि मेरा दायरा और भी बड़ा हो गया है।"
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मौलाना अपने मदरसे में छात्रों को सहिष्णुता का पाठ पढ़ाते हैं। वो मानते हैं कि इसके लिए दूसरे धर्मों के बारे में भी जानना जरूरी है। मौलाना चतुर्वेदी कहते हैं, "हमारा संदेश यह है कि लोगों में दूरी, ज्यादा ताकत की इच्छा से बढ़ती है। लेकिन मानवता के रिश्ते में कोई भेदभाव नहीं है, इसलिए वेदों में मानवता के बारे में कई गई बातों का हवाला देकर, मैं लोगों को एक दूसरे के करीब लाने की कोशिश करता हूं"। 

'जो शिक्षा इस्लाम देता है, वही वेद'

Maulana from Meerut becomes 'Chaturvedi'
मौलाना महफूज उर रहमान शाहीन जमाली

उनके मुताबिक, "वेदों में तीन मूल बातें कही गई हैं, भगवान की पूजा, इंसान की मुक्ति और मानव सेवा। मैं समझता हूँ कि ये तीनों बातें इस्लाम के संदेश में पहले से ही मौजूद हैं"। इस असाधारण मदरसे के आसपास रहने वालों में मौलाना चतुर्वेदी खुद भी लोकप्रिय हैं और उनका संदेश भी।

इजहार हुसैन इस मदरसे के पास ही कपड़े की दुकान चलाते हैं। वो कहते हैं कि 'जब हिन्दू लोग कोई धार्मिक सभा करते हैं, तो मौलाना जमाल को भी बुलाते हैं। इससे हमें अपने धर्म के बारे में पता चलता है और उन्हें हमारे"। उनके दोस्त कुलदीप भी पास ही छोले भटूरे की दुकान करते हैं।
 

'कुछ समय से बढ़ा असहिष्णुता का माहौल'

Maulana from Meerut becomes 'Chaturvedi'
Maulana

वे कहते हैं, "आजकल ऐसे लोग कहाँ मिलते हैं, जो दोनों धर्मों की बात करे। इस तरह के संदेश से मेल मिलाप बना रहता है, एक दूसरे को समझने का मौका मिलता है और गलतफहमी की वजह से जो दूरी पैदा हो गई है उसे खत्म करने में मदद मिलती है"।

भारत में पिछले कुछ समय से असहिष्णुता का माहौल बढ़ा है।

मौलाना जमाली कहते हैं कि इस शिक्षा का हमारे अपने बच्चों पर यह असर पड़ता है कि वो जिस समाज में जाएंगे, वहां उनका वास्ता अपने दूसरे धार्मिक भाइयों से होगा और जो कुछ उन्होंने यहां सीखा है, उसे अपने जीवन में अपनाएंगे। इस तरह के मेल मिलाप से आपस की एकता मजबूत होगी।

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