NIA: पीएलएफआई के खिलाफ एनआईए की बड़ी कार्रवाई, चार राज्यों में 23 ठिकानों पर की छापेमारी; दो गिरफ्तार
NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पीएलएफआई के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। एजेंसी ने चार राज्यों में उसके तेईस ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
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राष्ट्रीय जांच एझेंसी ने शुक्रवार को चार राज्यों में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कई। आतंक रोधी एजेंसी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इन राज्यों में 23 ठिकानों पर की गई छापेमारी
अधिकारी ने बताया कि झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और नई दिल्ली में पीएलएफआई के खिलाफ कार्रवाई की गई। एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादी समूह द्वारा जबरन वसूली और लेवी वसूलने के एक मामले में 23 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान भारतीय सेना की एक वर्दी, हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, तीन लाख रुपये नकद और आभूषण जब्त किए गए।
प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जिन लोगों को निशाना बनाया गया, वे सभी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन पीएलएफआई के कैडर और सहानुभूति रखने वाले थे। उन्होंने बताया कि जिन ठिकानों पर छापेमारी की गई उनमें से 19 झारखंड के गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में, दो नई दिल्ली में और एक-एक बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के सिद्धि जिले में हैं।
इन दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान बिहार के रमन कुमार सोनू उर्फ 'सोनू पंडित' और दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के निवेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों का नाम इस साल एनआईए द्वारा दर्ज प्राथमिकी में है। उन्होंने बताया कि पीएलएफआई कैडरों द्वारा जबरन वसूली के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के बारे में सूचना मिलने के बाद एनआईए ने 11 अक्तूबर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।
आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे आरोपी
उन्होंने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित संगठन के कैडर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में विभिन्न कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर, रेलवे ठेकेदारों और व्यापारियों से जबरन वसूली के जरिए धन जुटाने में शामिल थे।अधिकारी ने बताया कि वे सुरक्षा बलों पर हमले, हत्या और आगजनी समेत विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
संगठन को पुनर्जीवित करने की साजिश में थे कैडर
प्रवक्ता ने कहा कि जांच से पता चला है कि पीएलएफआई कैडर लेवी की वसूली के अलावा हथियारों और गोला-बारूद की भर्ती और खरीद जैसी अन्य नापाक गतिविधियों में भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पीएलएफआई के नेता, कैडर और सहानुभूति रखने वाले झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य पीएलएफआई प्रभावित राज्यों में संगठन को पुनर्जीवित करने और विस्तार करने की साजिश रच रहे थे।