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पत्रकार विनोद वर्मा गिरफ्तारी मामलाः पुलिस की कार्रवाई में दिख रहा झोल, उठे कई सवाल

Sat, 28 Oct 2017 08:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिबाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिबाबाद Updated Sat, 28 Oct 2017 08:04 AM IST
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Many questions raised after Journalist Vinod Verma Arrest
vinod verma - फोटो : Social Media
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की रातोंरात गिरफ्तारी से टीएचए में दिन भर तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। कई राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे। लोगों का कहना था कि राजनीतिक दबाव में आनन-फानन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है, जिसमें झोल दिख रहा है।
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टीएचए में विनोद वर्मा के परिचित व मित्रों की संख्या ठीक है। सुबह यह खबर फैलने के बाद कांग्रेस, आप, आरडब्ल्यूए समेत वरिष्ठ पत्रकारों का इंदिरापुरम थाने पर तांता लग गया। थाना पहुंचे लोग पुलिस से घटना के बारे में जानकारी चाह रहे थे लेकिन स्थानीय पुलिस के अलावा रायपुर पुलिस भी कुछ बोलने को तैयार नहीं थी। 
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इसी बीच रायपुर पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि 26 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही उसी दिन यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। 
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ये भी पढ़ेंः पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

उन्होंने बताया कि रात ही रायपुर पुलिस दिल्ली पहुंच गई थी और यहां एक वीडियो संचालक से पता चला कि विनोद वर्मा ने एक हजार सीडी बनवाई हैं। उनसे यह पूछने पर कि रायपुर पुलिस ने इस मामले में इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई कैसे और क्यों की। इस पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। 

वहीं इंदिरापुरम पुलिस के अधिकारियों का कहना था कि उन्हें इस मामले के बारे में कुछ भी पता नहीं। थाने पहुंचे विनोद वर्मा के शुभचिंतक यह सवाल उठा रहे थे कि छत्तीसगढ़ के थाना पंडरी में धारा 384 और 507 में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में किसी मंत्री का नाम नहीं था। ऐसे में पुलिस ने सीधे मामले को कैसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। 

इन सवालों के जवाब देने से बचती रही छत्तीसगढ़ पुलिस

Many questions raised after Journalist Vinod Verma Arrest
विनोद वर्मा
प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ घंटे के अंदर ही रायपुर पुलिस दिल्ली के वीडियो संचालक तक कैसे पहुंच गई। पुलिस ने दिल्ली के कारोबारी से कब और कहां पूछताछ की इसकी जानकारी देने से रायपुर पुलिस क्यों बचती रही। 

थाना पहुंचे आरडब्ल्यूए के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों का सवाल था कि पुलिस ने वर्मा के घर से बरामद 500 सीडी को मीडिया को दिखाने से क्यों गुरेज किया। क्या पुलिस के पास सीडी थी ही नहीं।  
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