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Manipur: जिरीबाम फायरिंग में कीर्ति/शौर्य चक्र विजेता पूर्व कर्नल पर क्यों गिरी गाज, दो IPS को सौंपी गई जांच

Tue, 19 Nov 2024 05:38 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 19 Nov 2024 05:38 PM IST
सार

Manipur violence: बता दें कि रविवार को जिरीबाम के बाबूपारा इलाके में सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। लोग आगे बढ़ रहे थे। वे सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। भीड़ को रोकने के लिए स्पेशल कमांडो टीम को लगाया गया था।

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Manipur: Why did the Kirti/Shaurya Chakra winner former colonel face action in Jiribam firing
मणिपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में दोबारा से शुरु हुई हिंसा को रोकने के लिए राज्य सरकार कई तरह के कड़े फैसले ले रही है। एक तरफ केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियों को मणिपुर में रवाना किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर जिरीबाम गोलीबारी की घटना के बाद, वरिष्ठ एसपी (कॉम्बैट) कर्नल (सेवानिवृत्त) नेक्टर संजेनबाम को उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया है। इतना ही नहीं, मणिपुर सरकार ने नेक्टर संजेनबाम के मामले में एक जांच कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी की अध्यक्षता कबीब के, आईपीएस आईजीपी (इंटेलिजेंस) करेंगे, जबकि निंगसेन वोर्नगाम आईपीएस, डीआईजी (रेंज III) को इस कमेटी का सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी 30 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। 
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बता दें कि रविवार को जिरीबाम के बाबूपारा इलाके में सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। लोग आगे बढ़ रहे थे। वे सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। भीड़ को रोकने के लिए स्पेशल कमांडो टीम को लगाया गया था। इस टीम का नेतृत्व वरिष्ठ एसपी (कॉम्बैट) कर्नल (सेवानिवृत्त) नेक्टर संजेनबाम कर रहे थे। इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों को गोली लगी थी, जिनमें से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। मणिपुर सरकार ने इस मामले में वरिष्ठ एसपी (कॉम्बैट) कर्नल (सेवानिवृत्त) नेक्टर संजेनबाम को ड्यूटी से हटा दिया। साथ ही उक्त मामले की जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी। 
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जांच में कमेटी में दो आईपीएस अधिकारी शामिल किए गए हैं। कमेटी यह जांच करेगी कि वह घटना किन परिस्थितियों में हुई है। उसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार रहे हैं। उस घटना की नौबत क्यों आई। क्या कोई व्यक्ति जिम्मेदार है। क्या गोलीबारी की उस घटना में सार्वजनिक अधिकारियों द्वारा संभावित कदाचार सहित कोई बेईमानी शामिल थी। इन सभी बातों के मद्देनजर, दो सदस्यों वाली कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। उक्त मामले की जाँच के आदेश मणिपुर सरकार के मुख्य सचिव डॉ. विनीत जोशी की तरफ से जारी किए गए हैं। 
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वर्ष 2015 में म्यांमार में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) नेक्टर संजेनबाम को गत वर्ष अगस्त में मणिपुर पुलिस में वरिष्ठ एसपी 'कमांडो' लगाया गया था। उस वक्त मणिपुर में हिंसा की वारदात हो रही थी। तब तक मणिपुर के विभिन्न हिस्सों में 170 से अधिक लोग मारे गए थे। मणिपुर सरकार ने राज्य में व्याप्त अशांति से निपटने के लिए कर्नल (सेवानिवृत्त) नेक्टर संजेनबाम को मणिपुर पुलिस विभाग में पांच साल के लिए वरिष्ठ अधीक्षक (लड़ाकू) नियुक्त किया था। उक्त सैन्य अधिकारी ने 21 पैरा (विशेष बल) में सेवा की है। उन्हें कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। 


 
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