फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   maneka gandhi trolled on social media

औरों को बचाने का चक्कर, मेनका खुद चक्कर में

Tue, 12 Jul 2016 01:28 PM IST
दिव्या आर्य/ बीबीसी
दिव्या आर्य/ बीबीसी Updated Tue, 12 Jul 2016 01:28 PM IST
विज्ञापन
maneka gandhi trolled on social media
- फोटो : twitter
सोशल मीडिया पर औरतों से बदतमीजी और छेडछाड रोकने की कोशिश में महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी खुद ही ट्रोल्स का शिकार हो गई हैं। मेनका गांधी ने पिछले हफ्ते #IamTrolledHelp के साथ महिलाओं से अपील की थी कि वो उन्हें ट्वीट और ईमेल के जरिए सोशल मीडिया पर बदतमीजी और छेडछाड की शिकायतें भेजें। लेकिन उनकी इस पहल पर उन्हीं को ट्रोल किया जाने लगा और पिछले पांच दिनों में उनकी नीति की आलोचना के ट्वीट्स की झडी लग गई है।
विज्ञापन


ये तब किया गया जब उन्होंने एक ट्वीट में सफाई देते हुए लिखा कि, “इंटरनेट पर लिखने की आजादी पर रोकटोक नहीं होगी, मंत्रालय तभी कार्रवाई करेगा जब बदतमीजी, प्रताडना या घृणित काम की शिकायत आएगी।”
विज्ञापन


@secular786 ने लिखा, “कुरान और बाइबल कहती हैं कि औरतें मर्दों से कम हैं, गुनहगार हैं और उनका बलात्कार किया जा सकता है, कृप्या कार्रवाई करें।” कई लोगों ने लिखा कि इस मुहिम से भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को ही निशाना बनाया जाएगा और पूछा कि क्या मेनका गांधी ने इसे शुरु करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की राय ली थी?
विज्ञापन
विज्ञापन


 

ट्विटर पर आपातकाल, संजय गांधी को याद करने का तरीका

maneka gandhi trolled on social media
@mahesh10816 ने अपने ट्वीट में चेताया कि वो दक्षिणपंथी राष्ट्रवादियों को चुप करने की कोशिश ना करें और क्या वो जानती हैं कि सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के लिए घंटों काम किया जा रहा है? कुछ ट्वीट्स ने इस पहल की तारीफ की लेकिन कई में नीति के गलत इस्तेमाल से जुडी शंकाएं ही नजर आईं।

@aloKCN ने लिखा, “ट्विटर पर आपातकाल, संजय गांधी को याद करने का अच्छा तरीका है।” @ramdev_sangar ने अपने ट्वीट में लिखा, “ये गलत है, ताकतवर लोग कुछ भी कर लें बच जाते हैं, आप आम आदमी से अभिव्यक्ति की आजादी छीनना चाहती हैं।”

कई लोगों को इस बात से आपत्ति थी कि ये सिर्फ महिलाओं के लिए है और पुरुषों के लिए नहीं, वहीं कई मान रहे थे कि आईटी ऐक्ट में प्रावधान होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रताडना के लिए एक नई नीति की जरूरत नहीं है।

@manishsingh0812 ने पूछा कि इन अपराधों की व्याख्या महिला और बाल विकास मंत्रालय करेगा या सुप्रीम कोर्ट? और लिखा, “कभी-कभार सच्चाई भी परेशान कर सकती है, ऐसे में सरकार क्या करेगी?”
इस बीच मेनका गांधी ट्विटर इंडिया की टीम से मिलीं और एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुहिम को बहुत सफलता मिल रही है, और उन्हें कई महिलाओं ने संपर्क किया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed