बंगाल: ममता ने पुनर्निर्मित टाला ब्रिज का उद्घाटन किया, बोलीं- यह दुर्गा पूजा से पहले लोगों के लिए उपहार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुनर्निर्मित टाला ब्रिज का उद्घाटन किया। ब्रिज पुनर्निर्माण कार्य के लिए दो साल से बंद था। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि यह ब्रिज दुर्गा पूजा से पहले लोगों के लिए उपहार है। इसे तोड़ने में 4 महीने लगे थे। इसे बनाने में राज्य के 504 करोड़ रुपए खर्च हुए यह पहले सिर्फ 2 लेन का था अब इसे 4 लेन किया गया है। अभी भारी वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बाधित रहेगी।
#WATCH कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुनर्निर्मित टाला ब्रिज का उद्घाटन किया। ब्रिज पुनर्निर्माण कार्य के लिए दो साल से बंद था। pic.twitter.com/hUe5R7TIdf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 22, 2022विज्ञापन
बीते दिन किया था अलीपुर संग्रहालय का उद्घाटन
इससे पहले बुधवार को ममता बनर्जी ने कहा कि एक 'राजनीतिक उद्देश्य' के लिए देश के इतिहास को बदलने की कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा एक सच्चे नेता को जाति या धर्म के बावजूद सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। अलीपुर संग्रहालय के उद्घाटन पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने किसी का बिना नाम लिए कहा था कि राजनेता भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समृद्ध इतिहास को बदलने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। बदलाव का प्रयास इसलिए किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता आंदोलन की सच्चाई का पता न चले।
मिनाक्षी लेखी ने कसा तंज
इस बीच ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने गुरुवार को कहा कि यह भयानक है कि एक राज्य सरकार जिसने दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया था, त्योहार को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने का श्रेय ले रही है। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) को गुजरात के गरबा नृत्य को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी भेजा है। दरअसल, इस महीने की शुरुआत में ममता बनर्जी ने यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में 'कोलकाता में दुर्गा पूजा' को शामिल करने का जश्न मनाते हुए एक रैली का नेतृत्व किया था।