Odisha Train Accident: मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देगी पश्चिम बंगाल सरकार, ममता बनर्जी ने किया एलान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को एलान किया कि ओडिशा के बालासोर में भयावह ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
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ओडिशा के बालासोर में तीन ट्रेनों की दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के आश्रितों को राज्य सरकार में नौकरी देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि भयावह हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
बनर्जी ने आगे कहा कि सरकार उन लोगों को नकद राशि की मदद देगी, जो कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार थे और इस समय मानसिक और शारीरिक आघात से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को भुवनेश्वर और कटक का दौरा करेंगी और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती घायल यात्रियों से मुलाकात करेंगी। उन्होंने बताया कि ओडिशा के विभिन्न अस्पतालों में उनके राज्य के 206 घायल यात्री भर्ती हैं।
उन्होंने आगे बताया कि कटक के अस्पतालों में भर्ती घायल 33 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी उनसे मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दुर्घटना पर किसी भी तरह की राजनीति में नहीं पड़ना चाहती हैं और घायल यात्रियों वउनके परिवारों की मदद के लिए सब कुछ करेंगी।
सूत्रों ने बताया कि इससे पहले दिन में बनर्जी ने ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए राज्य के यात्रियों के उपचार और पुनर्वास की निगरानी के लिए अंतिम समय में दार्जिलिंग की अपनी चार दिवसीय यात्रा रद्द कर दी। सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को दार्जिलिंग जाना था जहां उन्हें इस साल होने वाले पंचायत चुनावों से पहले पर्वतीय क्षेत्र में सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों से मिलना था।
उन्होंने बताया कि वह कोलकाता में रहना चाहती हैं और पश्चिम बंगाल के उन घायल यात्रियों के पुनर्वास और उपचार की देखरेख करना चाहती हैं जो कोरोमंडल एक्सप्रेस में दुर्घटना का शिकार हो गए थे। वह बाद में पर्वतीय क्षेत्रों का दौरा करेंगी।
विजाग बंदरगाह से राउरकेला इस्पात संयंत्र तक कोयले से लदी एक मालगाड़ी अप लाइन और डाउन लाइन दोनों पटरियों की मरम्मत के कुछ घंटों बाद रविवार रात लगभग 10.40 बजे बहाल पटरियों पर दौड़ने वाली पहली मालगाड़ी बन गई। अधिकारियों ने बताया कि पहली हाई स्पीड यात्री ट्रेन हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार सुबह इन्हीं पटरियों से बालासोर से गुजरी।
अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दुर्घटनास्थल पर मौजूद थे, जब ट्रेन वहां से गुजरी तो उन्होंने चालकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कोरोमंडल एक्सप्रेस दो जून को शाम सात बजे खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई थी जिससे उसके अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए थे। कोरोमंडल के कुछ डिब्बे बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के अंतिम कुछ डिब्बों पर गिर गए जो उसी समय वहां से गुजर रही थी। दुर्घटना में एक मालगाड़ी भी शामिल थी। जांचकर्ता तीन ट्रेन दुर्घटना के पीछे संभावित मानवीय त्रुटि, सिग्नल विफलता और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं।